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चन्दौली

“उत्पादन में आत्मनिर्भरता लाएगी बीज ग्राम योजना, खेती बनेगी टिकाऊ” : अभिनव यादव

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पीडीडीयू नगर (चंदौली)। अच्छी खेती की शुरुआत अच्छे बीज से होती है, और यही उन्नत खेती की सबसे पहली जरूरत है। जब किसान बेहतर उत्पादन और कम लागत में अधिक आमदनी चाहते हैं, तब वैज्ञानिक विधियों से तैयार बीज ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बनता है।

कृषि विषय में पढ़ाई कर चुके अभिनव यादव का कहना है कि जैसे किसी घर की नींव मजबूत होनी जरूरी है, वैसे ही खेती की नींव मजबूत बीज पर टिकी होती है। बीज ही यह तय करता है कि फसल की पैदावार कितनी होगी, वह कितनी स्वस्थ होगी, उसकी गुणवत्ता कैसी होगी और अंत में किसान को कितनी आमदनी होगी।

पुराने तरीके से रखे गए बीजों में कई बार अंकुरण की क्षमता कम हो जाती है और उनमें बीमारी फैलने का भी खतरा बना रहता है। इसका हल है – वैज्ञानिक तरीका अपनाकर खुद बीज तैयार करना। इसके लिए खेत का सही चुनाव, फसलों की दूरी का ध्यान, कीट और रोगों पर नियंत्रण, समय से कटाई, बीज की सफाई और सुरक्षित भंडारण जैसी कई बातें जरूरी होती हैं। यह काम छोटे किसानों के लिए अकेले करना मुश्किल हो सकता है, इसलिए सरकार ने “बीज ग्राम योजना” शुरू की है।

इस योजना के तहत कुछ गाँवों को बीज ग्राम के रूप में चुना जाता है, जहाँ किसानों को उन्नत बीज दिए जाते हैं और वैज्ञानिक तरीके से बीज उत्पादन की पूरी ट्रेनिंग दी जाती है। किसानों को खेत तैयार करने से लेकर बीज की छंटाई, उपचार, भंडारण और प्रमाणन तक हर चरण में मार्गदर्शन दिया जाता है। खेतों के बीच दूरी कैसे रखें, रोगग्रस्त पौधों को कैसे हटाएँ, गहाई कैसे करें, बीज की सफाई व दवा कैसे करें – ये सब बातें किसानों को सिखाई जाती हैं।

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साथ ही, बीज उत्पादन में काम आने वाली छोटी-छोटी मशीनें जैसे थ्रेशर, क्लीनर व ट्रीटमेंट यूनिट भी किसानों को उपलब्ध कराई जाती हैं। इससे बीज की लागत घटती है, समय पर बुवाई होती है और अतिरिक्त आमदनी का रास्ता खुलता है। सबसे बड़ी बात, किसान नकली बीजों के झंझट से बच जाते हैं और जलवायु के अनुसार खुद के बीज तैयार कर पाते हैं। यह योजना न केवल बीज के मामले में आत्मनिर्भरता देती है, बल्कि किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ती है और गाँव में मिलजुल कर काम करने की भावना को भी बढ़ावा देती है।

युवाओं के लिए यह योजना स्वरोजगार का अवसर है, जिससे गाँवों में रुककर खेती को अपनाया जा सकता है। अभिनव यादव कहते हैं कि आज के बदलते मौसम और खाद्यान्न सुरक्षा की चुनौतियों को देखते हुए, बीज ग्राम योजना खेती को टिकाऊ और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है। अब समय है कि किसान खुद बीज उत्पादन की ओर बढ़ें, वैज्ञानिक तरीके अपनाएँ और खेती को लाभदायक व सम्मानजनक पेशा बनाएं।

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