वाराणसी
अतिरिक्त पदों के सृजन से बदली अग्निवीर भर्ती की तस्वीर
निराश अभ्यर्थियों के चेहरे पर लौटी मुस्कान
वाराणसी। अग्निवीर भर्ती परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद जिन युवाओं को निराशा हाथ लगी थी, उनके लिए राहत भरी खबर सामने आई है। 23 दिसंबर को घोषित परिणाम के दिन चयन से वंचित रह गए 1941 युवाओं में से अब 427 को सेना में शामिल होने का एक और अवसर मिलने जा रहा है। सैन्य प्रशासन लगभग 400 अतिरिक्त पदों के सृजन के माध्यम से इन युवाओं का समायोजन करेगा। इसके साथ ही 27 ऐसे अभ्यर्थी, जिनका चयन पैरा कमांडो के लिए हुआ है, उन्हें भी अग्निवीर भर्ती में समाहित किया जाएगा। इस तरह कुल 427 युवाओं को सेना की वर्दी पहनने का अवसर मिलेगा।
वाराणसी के छावनी क्षेत्र स्थित रणबांकुरे स्टेडियम में आठ नवंबर से 21 नवंबर तक अग्निवीर भर्ती रैली आयोजित की गई थी, जिसमें कुल 13,201 युवाओं ने भाग लिया। परिणाम जारी होने पर इस बार अप्रत्याशित रूप से 66 प्रतिशत अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए और 4,903 युवाओं ने परीक्षा उत्तीर्ण की, जबकि पूर्व की भर्तियों में यह प्रतिशत लगभग 33 रहता था।
सैन्य प्रशासन ने पहले की तुलना में करीब तीन गुना अधिक 2,962 युवाओं की कटऑफ सूची जारी की थी, इसके बावजूद 1,941 अभ्यर्थी चयन से बाहर रह गए थे। चयनित युवाओं का प्रशिक्षण देश के विभिन्न केंद्रों पर पांच जनवरी से प्रारंभ भी हो चुका है। इसी बीच सेना ने बड़ा निर्णय लेते हुए 27 पैरा कमांडो और 400 अतिरिक्त पदों के माध्यम से कुल 427 युवाओं के समायोजन का रास्ता खोल दिया।
अग्निवीर भर्ती को युवाओं के लिए अधिक आकर्षक बनाने के उद्देश्य से इस बार सैन्य प्रशासन ने कई पहल कीं। भर्ती प्रक्रिया के दौरान सबसे तेज धावक को सेना के लोगो वाली टी-शर्ट प्रदान की गई। भर्ती पदों की संख्या तीन गुना तक बढ़ाई गई। भविष्य में अग्निवीरों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशलवीर प्रमाणपत्र देने की योजना भी लाई गई। अब इसके तहत 400 अतिरिक्त पदों के सृजन का निर्णय युवाओं के लिए एक और बड़ी सौगात माना जा रहा है।
अतिरिक्त पदों की सटीक संख्या को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन यह तय है कि सफल अभ्यर्थियों में से कुछ और का समायोजन किया जाएगा। पिछली परीक्षा की कटऑफ सूची से बाहर रह गए अभ्यर्थियों को अपना पुलिस सत्यापन तैयार रखने की सलाह दी गई है, क्योंकि किसी भी दिन उन्हें बुलावा आ सकता है और इसके लिए समय अवधि बहुत कम होगी। तैयारी में कमी होने पर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यह जानकारी सेना भर्ती कार्यालय के डायरेक्टर कर्नल शैलेश ने दी।
