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वाराणसी

अक्षय तृतीया 20 अप्रैल को, सूर्य-चंद्रमा के उच्च योग से बढ़ेगा शुभ प्रभाव

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वाराणसी। इस वर्ष अक्षय तृतीया का पर्व 20 अप्रैल, सोमवार को मनाया जाएगा। यह तिथि 19 अप्रैल को दोपहर 1:01 बजे से प्रारंभ होकर 20 अप्रैल को सुबह 10:39 बजे तक रहेगी। उदया तिथि होने के कारण पर्व का आयोजन 20 अप्रैल को ही किया जाएगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार अक्षय तृतीया विशेष शुभ संयोग लेकर आ रही है।

इस दिन सौभाग्य योग, आयुष्मान योग, गृह योग और स्थिर योग जैसे कई महत्वपूर्ण योग बन रहे हैं। साथ ही चंद्रमा अपनी उच्च राशि कर्क में और सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में स्थित रहेंगे। सूर्य और चंद्रमा की इस उच्च स्थिति के कारण इस पर्व का प्रभाव सामान्य की तुलना में 100 गुना अधिक माना जा रहा है।

अक्षय तृतीया पर त्रिपुष्कर योग का भी प्रभाव रहेगा, जो किसी भी कार्य को स्थायी और फलदायी बनाता है। इसके साथ ही रोहिणी नक्षत्र का संयोग भी प्राप्त हो रहा है, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। गजकेसरी योग और मालव्य राजयोग का निर्माण भी इस दिन हो रहा है। सूर्य और चंद्रमा के उच्च प्रभाव से ‘अक्षय योग’ बन रहा है, जिसमें किए गए दान, जप, तप और अन्य शुभ कार्यों का फल कभी नष्ट नहीं होता।

यह पर्व विशेष रूप से दान-पुण्य और शुभ कार्यों के लिए जाना जाता है। इस दिन लोग नए कार्यों की शुरुआत करते हैं, जैसे घर खरीदना, विवाह करना या नया व्यवसाय प्रारंभ करना। ज्योतिषियों का मानना है कि इस दिन किए गए कार्यों का फल दीर्घकालिक और स्थायी होता है।

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अक्षय तृतीया के अवसर पर श्रद्धालु भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करते हैं। इस दिन सोना, चांदी और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं की खरीदारी भी शुभ मानी जाती है।

धार्मिक महत्व के साथ-साथ अक्षय तृतीया सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण पर्व है। इस वर्ष यह पर्व विशेष शुभ संयोगों के साथ आ रहा है, जो सुख, समृद्धि और खुशहाली का संदेश देता है।

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