वाराणसी
विश्वकर्मा प्रदर्शनी में कारीगरों को मिला मंच, एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा ने किया अवलोकन
वाराणसी। एमएसएमई की ओर से औद्योगिक क्षेत्र चांदपुर स्थित प्रशासनिक ब्लॉक परिसर में आयोजित तीन दिवसीय पीएम विश्वकर्मा प्रदर्शनी-सह-व्यापार मेले का उद्घाटन एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा ने फीता काटकर किया। मेले का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को आधुनिक मंच उपलब्ध कराना और उनके विपणन के नए रास्ते खोलना है।
तीन दिवसीय इस मेले में कुल 50 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां लकड़ी के खिलौने, बांस की डलिया, घरेलू शहद, चमड़े के सामान, राजगीर मिस्त्री के औजार और हैंडलूम बैग जैसे उत्पादों की बिक्री हो रही है। एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा ने मेले का अवलोकन करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से कारीगरों की कला को बाजार मिलता है और उनकी प्रतिभा को वैश्विक पहचान मिलने का मार्ग भी प्रशस्त होता है। इस अवसर पर एमएसएमई प्रयागराज के निदेशक एल.बी.एस. यादव और उपायुक्त उद्योग अभिषेक प्रियदर्शी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश भाटिया और लघु उद्योग भारती के राज्य सचिव राजेश सिंह ने कहा कि कारीगरों के कौशल को आधुनिक बाजार की जरूरतों से जोड़ना समय की मांग है। कार्यक्रम में सहायक निदेशक राजेश कुमार चौधरी ने स्वागत भाषण दिया, जबकि संचालन दिव्या मिश्रा ने किया। एमएसएमई के सहायक निदेशक रितेश कुमार बरनवाल ने अंत में आभार व्यक्त किया।
उधर, लखनऊ के एक होटल में आयोजित राज्य निर्यात पुरस्कार समारोह में मुख्य अतिथि प्रदेश के औद्योगिक विकास एवं निर्यात प्रोत्साहन मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नंदी ने विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्य के 55 निर्यातक उद्यमियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर बनारस बीड्स के अशोक गुप्ता को निर्यात के लिए सम्मानित किया गया।
