शिक्षा
BHU : गरीब छात्रों को मिलेगा रोजाना मुफ्त भोजन, बनेगी विशेष कमेटी
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) ने आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को राहत देने की दिशा में एक नई पहल शुरू की है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर के करीब 400 गरीब छात्रों को प्रतिदिन नि:शुल्क भोजन उपलब्ध कराने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। इसका उद्देश्य उन छात्रों की मदद करना है, जो आर्थिक परेशानियों के कारण मेस का खर्च उठाने में असमर्थ हैं।
इस योजना को लागू करने के लिए बीएचयू प्रशासन ने तीन प्रमुख संस्थाओं से संपर्क साधा है। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम (न्यास), बीएचयू परिसर स्थित श्री विश्वनाथ मंदिर तथा अक्षय पात्र फाउंडेशन के साथ बातचीत का सिलसिला शुरू किया गया है, ताकि भोजन व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित किया जा सके।
विश्वविद्यालय स्तर पर इस व्यवस्था को व्यवस्थित रूप से लागू कराने के लिए एक विशेष कमेटी का गठन भी किया गया है। यह कमेटी पात्र छात्रों की पहचान करने के साथ-साथ भोजन वितरण की पूरी रूपरेखा तैयार करेगी। प्राथमिकता उन विद्यार्थियों को चिह्नित करने की होगी, जिनकी पारिवारिक आय कम है और जो मेस शुल्क जमा करने में सक्षम नहीं हैं।
वर्तमान समय में विश्वविद्यालय के लगभग 80 हास्टलों में 10 हजार से अधिक छात्र रहते हैं। इन हास्टलों में संचालित मेस में एक थाली की कीमत 50 से 55 रुपये तक होती है। ऐसे में एक सामान्य छात्र का मासिक मेस बिल 3,000 से 3,500 रुपये तक पहुंच जाता है। दूर-दराज के गांवों और गरीब परिवारों से आने वाले कई मेधावी छात्र इस राशि का भुगतान नहीं कर पाते, जिससे उनके स्वास्थ्य और पढ़ाई पर नकारात्मक असर पड़ता है।
बताया गया है कि अक्षय पात्र फाउंडेशन अपनी स्वच्छ रसोई के माध्यम से बड़े स्तर पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए जाना जाता है, जबकि विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट मंदिर के अन्नक्षेत्र के जरिए इस कार्य में सहयोग करेगा।
इस नई व्यवस्था के लागू होने पर छात्रों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम होगा और वे बेहतर मानसिक एकाग्रता के साथ अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन के इस कदम को “विद्या दान” और “अन्न दान” के संगम के रूप में देखा जा रहा है।
