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वाराणसी

गोपाष्टमी पर धर्मसंघ में पूजी गयी गौमाता

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रिपोर्ट – प्रदीप कुमार
मोक्ष का द्वार खोलती है गौसेवा- पं. जगजीतन पाण्डेय
वाराणसी। धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज की तपोस्थली धर्मसंघ (मणि मंदिर) का प्रांगण गोपाष्टमी के अवसर पर दिन भर विविध आयोजनों से चहकता रहा। सोमवार को दुर्गाकुण्ड स्थित धर्मसंघ में धूमधाम से गौपूजन किया गया। परिसर में स्थापित स्वामी करपात्री आदर्श गौशाला में प्रातः साढ़े आठ बजे से धर्मसंघ महामंत्री पंडित जगजीतन पाण्डेय ने सविधि पूजन अर्चन प्रारंभ किया। आचार्य रामानंद पांडेय के आचार्यत्व में 11 वैदिक ब्राह्मणों एवं 111 बटुकों द्वारा शुक्ल यजुर्वेद के मंत्रोच्चार के बीच षोडषोपचार विधि से गऊ पूजन किया गया। सर्वप्रथम गौरी – गणेश पूजन तथा आदित्य सूर्य पूजन किया गया। तत्पश्चात भगवान विष्णु पूजन के बाद गौपूजन किया गया।
गोपाष्टमी के अवसर पर पर गौशाले में सैकड़ो की संख्या में रह रही शुद्ध देशी गाय, गंगातीरी, गिर, साहीवाल, गायों को प्रातःकाल पंचगव्य और पंचामृत स्नान कराया गया, उसके बाद गायों का रेशमी वस्त्र, मुकुट आभूषण आदि से श्रृंगार किया गया था। पूजन के उपरांत सभी गायों को गुड़, फल और मिठाई के साथ हरे चारे के रूप में खीरा, लौकी, सेम, साग, गाजर, हरा मटर आदि भोग खिलाया गया। अंत मे आरती कर उनकी प्रदक्षिणा की गयी।

मोक्ष के द्वार खोलती है गौसेवा- गौपूजन के बाद धर्मसंघ के महामंत्री पण्डित जगजीतन पाण्डेय ने उपस्थित गौसेवकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि गाय हमारे लिए सिर्फ कहने मात्र की माँ नही है बल्कि हम इसे अपनी माँ की तरह ही सेवा भी करते है। गाय सर्वसुख प्रदान करने वाली है, गाय का अवतार ही सर्वकल्याणार्थ हुआ है। गौसेवा से ना सिर्फ सुख समृद्धि प्राप्त होता है अपितु मोक्ष के द्वार भी खुल जाते है। जगजीतन पाण्डेय ने यह भी कहा की गऊ पूरे जगत की पालनहार है और इसी के रूप में धरती पर उनका अवतार हुआ है। गाय सबसे सरल, सहज और जनकल्याण करने वाली है।

गौपूजन में ये रहे शामिल-
गौपूजन में मुख्य रूप से कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव, डॉ. रामनारायन द्विवेदी, डॉ. उदयन मिश्रा, अभिषेक मिश्र, प्रमोद मिश्र आदि विशिष्टजन शामिल रहे। आगतजनों का स्वागत राजमंगल पाण्डेय ने किया। सभी भक्तों को गौशाला निर्मित शुद्ध छाछ वितरित किया गया। गोपाष्टमी के अवसर पर धर्मसंघ की ओर से गौसेवा के क्षेत्र में निरन्तर सक्रिय रहने वाले गौसेवकों का उत्तरीय प्रदान कर अभिनंदन भी किया गया।

आकाशदीप जला लिया गौसेवा का संकल्प – सायंकाल मंदिर परिसर में 21 आकाशदीपों में दीपदान कर गौसेवा का संकल्प लिया गया। इस मौके पर मंदिर प्रांगण को रंग बिरंगे विद्युत झालरों से सजाया गया था। जगह जगह फूलों से सुसज्जित प्रवेश द्वार बनाये गए थे जो अत्यंत आकर्षक लग रहे थे।

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