अपराध
धोखाधड़ी कर 1.83 रुपए हड़पने के मामले में मिली अग्रिम जमानत
वाराणसी। जमीन खरीदने के नाम पर धोखाधड़ी कर 1.83 करोड़ रुपए हड़पने के मामले में आरोपिता को कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई। जिला जज डा. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने नरहन (केराकत), जौनपुर निवासिनी आरोपिता ज्ञानती यादव की अग्रिम जमानत अर्जी सुनवाई के बाद मंजूर कर ली। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अनुज यादव, मो. आसिफ व पंकज यादव ने पक्ष रखा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार गणेशपुर (शिवपुर) निवासिनी सरला देवी उर्फ श्यामली देवी ने शिवपुर थाने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसकी मौजा शिवपुर में काफी जमीन थी। इस दौरान उसके यहां राम अवध सिंह, संजय कुमार यादव, राजेश मिश्रा व मनोज सिंह आए और उसकी संपूर्ण जमीन को 1 करोड़ 83 लाख रुपए में खरीदने की बात तय करते हुए 20 लाख रुपए विभिन्न चेक के माध्यम से एडवांस देकर 14 दिसंबर 2016 को एक सट्टा इकरारनामा कराया और शेष रकम अदा करके तीन माह के अंदर बैनामा करा लेने की बात तय की। इस बीच उनके द्वारा दिए गए 20 लाख के चेक में से 8 लाख का चेक बाउंस हो गया। इस पर जब वादिनी ने अपने पैसे मांगे तो उन्होंने जल्द ही बैनामा करवाने का आश्वासन दिया। बाद में 3 मई 2017 को वह लोग वादिनी को कचहरी ले आए और कुल 10 बिस्वा जमीन बृजेश यादव, शालिनी यादव, मुकेश यादव, आशीष कुमार व ज्ञानती यादव के पक्ष में करवा लिया गया और पैसे के जगह उसी चेक को जो बाउंस हो गया था को दर्शा दिया गया। इसी प्रकार अन्य जमीनों का भी बैनामा करवा लिया गया और उसके एवज में भी जो चेक दिया गया वो बाउंस हो गया। इस प्रकार जालसाजी और धोखाधड़ी करते हुए उसके रुपयों को हड़प लिया गया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर दलील दी गई की उक्त रूपयो के बाबत दिए गए चेक के बाउंस हो जाने के बाबत जो पैसे का लेने देने था, उसका भुगतान वादिनी को कर दिया गया है। इस संबंध में एक सुलहनामा भी अवर न्यायालय में दोनों पक्षों में हो गया है। ऐसे में आरोपिता द्वारा वादिनी से कोई भी धोखाधड़ी या रुपए हड़पने का कार्य नहीं किया गया है। अदालत ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए आरोपिता की अग्रिम जमानत अर्जी मंजूर कर ली।
