वाराणसी
भोले शंकर की जटा से निकला राग भैरव से छात्र छात्राओं को रूबरू कराया
सनबीम वरुणा एवं सनसिटी में सिडबी-स्पीक मैके की पांच दिवसीय कार्यशाला शुरू
वाराणसी। बनारस घराने की गायन वादन एवं नृत्य की विधा से युवाओं को जोड़ने एवं उन्हें भारतीय संस्कृति से रूबरू कराने के उद्देश्य से सिडबी और स्पीक मैके के संयुक्त तत्वाधान में पांच दिवसीय कार्यशाला का शुरुआत सनबीम वरुणा एवं सनसिटी शाखा में हुआ।
कार्यशाला का शुभारम्भ सनबीम वरुणा में बनारस घराने के युवा शास्त्रीय संगीत गायक पंडित रजनीश मिश्रा तथा सन सिटी में पंडित रितेश मिश्रा ने दीप प्रज्जवलन कर किया।
सनबीम ग्रुप के चेयरमैन दीपक मधोक एवं भारती मधोक ने सिडबी स्पीक मैके संस्था के द्वारा प्रदेश स्तर पर इस शुरू किये गए प्रयास की सराहना की।
सनबीम वरुणा में पंडित रजनीश मिश्रा ने सावन के तीसरे सोमवार छात्र-छात्राओं को बताया कि आज भगवान भोले नाथ का पवित्र दिन भगवान भोले नाथ की जटा से निकले पांच रागों में एक राग भैरव भी है। हमारा संगीत हमारे हिंदुस्तान के प्राचीन संस्कृति का अहम हिस्सा है। हमें पांच दिनों में आप सभी को गायन संस्कृति से परिचित कराना है। कार्यशाला के पहले दिन छात्र छात्राओं को राग भैरव के आरोह और अवरोह सा रे गा मा पा धा नि सा… नि नि धा सा सा नि रे रे सा नि धा पा गा रे सा का दो घंटे तक 16 मात्रा में अभ्यास कराया।
कार्यशाला में तबले पर संगत राजेश मिश्र, हारमोनियम पर सुमित मिश्र ने किया। कार्यशाला का संचालन रिया सिंह ने किया। उक्त अवसर पर हेड मिस्ट्रेस जसमीत कौर, एकेडमिक हेड चन्दन सिंह, वर्षा बैनर्जी, मनीष चौधरी, अभिनव सहित लगभग 40 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहें।स्पीक मैके चेयरपर्सन उत्तरप्रदेश उमेश सेठ के हवाले से मीडिया प्रभारी पवन सिंह ने बताया कि कार्यशाला के दूसरे दिन गायन के कंपोजीशन के बारे जानकारी दी जाएगी।
