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गाजीपुर

तनाव मुक्त रहेंगे तो सफल होंगे छात्र, एक्सपर्टस ने दिए एग्जाम टिप्स

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गाजीपुर (जयदेश)। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं के दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मानसिक तनाव से जूझते नजर आते हैं। तनाव की स्थिति में उनका अध्ययन प्रभावित हो जाता है, जिससे परीक्षा परिणाम भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं आ पाता। तनावग्रस्त विद्यार्थी न तो मन लगाकर पढ़ पाते हैं और न ही विषयवस्तु को लंबे समय तक याद रख पाते हैं। ऐसे छात्रों में चिड़चिड़ापन, उदासी, गुस्सा, अनिद्रा, अनियमित खान-पान और एकाग्रता की कमी जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं। पढ़ी हुई सामग्री भी जल्दी भूलने लगते हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास कमजोर हो जाता है।

परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों को तनावमुक्त रखने के उद्देश्य से कुछ प्रधानाचार्यों और अधिकारियों से बातचीत की गई। उन्होंने अपने विचार और सुझाव साझा किए।

राजकीय बालिका इंटर कॉलेज सादात की प्रधानाचार्या मंजू प्रकाश ने कहा कि परीक्षा के समय छात्रों को तनाव से दूर रहना अत्यंत आवश्यक है। तनाव में रहकर छात्र न तो विषय को ठीक से समझ पाते हैं और न ही उत्तरों को सही ढंग से प्रस्तुत कर पाते हैं। इसका सीधा प्रभाव उनके परिणाम पर पड़ता है। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अपनी पढ़ी हुई सामग्री का नियमित रूप से दोहराव करें, समय सारिणी बनाकर अध्ययन करें, भरपूर नींद लें और माता-पिता व बड़ों से सलाह लेते रहें। इससे मानसिक दबाव कम होता है।

राजकीय सिटी इंटर कॉलेज गाजीपुर के प्रधानाचार्य दिनेश कुमार यादव ने बताया कि परीक्षा के समय छात्र अपनी तैयारी को लेकर अक्सर तनाव में आ जाते हैं। इससे उनका मन पढ़ाई में नहीं लगता और विषयवस्तु भी याद नहीं रहती। ऐसी स्थिति में अभिभावकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। उन्हें चाहिए कि वे बच्चों को परीक्षा के डर से मुक्त करने में सहयोग करें। बच्चों को समय सारिणी के अनुसार पढ़ाई करने, पर्याप्त नींद लेने और पौष्टिक भोजन करने के लिए प्रेरित करें, जिससे उनका मन शांत रहेगा और पढ़ा हुआ याद रहेगा।

पूर्व संयुक्त शिक्षा निदेशक चन्द्रजीत सिंह यादव ने कहा कि परीक्षा का भय हर परीक्षार्थी को होता है, चाहे परीक्षा छोटी हो या बड़ी। बोर्ड परीक्षा के दौरान यह तनाव और बढ़ जाता है। विद्यार्थियों को इससे मुक्त करने के लिए शिक्षकों और परिवार के सदस्यों द्वारा उचित मार्गदर्शन दिया जाना चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि छात्र योगासन और व्यायाम करें, शांत बैठकर गहरी सांस लें, पर्याप्त पानी पिएं और अपने भोजन पर ध्यान दें। हरी सब्जियों का सेवन, नारियल पानी पीना और केला खाने से भी तनाव कम होता है और परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन किया जा सकता है।

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माध्यमिक शिक्षा परिषद क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी के पूर्व उप सचिव डॉ. राम अवतार यादव ने बताया कि लगातार तनाव में रहने से परीक्षार्थियों में कई शारीरिक समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। अनिद्रा, कब्ज, सिरदर्द, थकान, पेट खराब होना, उच्च रक्तचाप और सीने में दर्द जैसी शिकायतें बढ़ जाती हैं। इसके कारण छात्र निर्णय लेने और एकाग्रता बनाए रखने में असमर्थ हो जाते हैं। वे उदास और कुंठित हो जाते हैं, जिससे पढ़ाई प्रभावित होती है। उन्होंने सुझाव दिया कि विद्यार्थी योग करें, पूरी नींद लें, पौष्टिक आहार ग्रहण करें, थोड़े-थोड़े अंतराल पर पढ़ाई करें, पढ़ी हुई सामग्री दोहराते रहें, पर्याप्त पानी पिएं और शिक्षकों व बड़ों से सलाह लेते रहें। इससे तनाव कम होगा और परीक्षा में उनका प्रस्तुतीकरण बेहतर हो सकेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा के दौरान संतुलित दिनचर्या, सकारात्मक सोच और परिवार व शिक्षकों का सहयोग विद्यार्थियों को तनावमुक्त रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे वे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

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