Connect with us

गोरखपुर

ब्लैकआउट मॉकड्रिल गोरखपुर में रही बेअसर, निर्देशों की उड़ती दिखी धज्जियां

Published

on

Loading...
Loading...

मुख्य चौराहों पर जलती रहीं लाइटें, दौड़ती रहीं गाड़ियां

गोरखपुर। प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित समय शाम 6:00 बजे ब्लैकआउट मॉकड्रिल के तहत स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे कि सायरन बजते ही सभी प्रकार की लाइटें बंद कर दी जाएं और आम जनमानस पूरी तरह से ब्लैकआउट का पालन करे। लेकिन गोरखपुर जनपद में यह मॉकड्रिल सिर्फ कागज़ों तक ही सीमित नजर आई और जमीनी स्तर पर इसका कोई खास असर दिखाई नहीं दिया।

जहां एक ओर दिग्विजयनाथ पार्क में औपचारिक रूप से मॉकड्रिल का आयोजन किया जा रहा था, वहीं दूसरी ओर शहर की मुख्य सड़कों और चौराहों पर हालात सामान्य बने रहे। गोलघर, शास्त्री चौक सहित अन्य प्रमुख चौराहों पर स्ट्रीट लाइटें पूरी तरह जलती रहीं, वाहन धड़ल्ले से दौड़ते रहे और आम दिनों की तरह चहल-पहल बनी रही।

ब्लैकआउट के दौरान न तो दुकानों की लाइटें बंद हुईं और न ही सड़कों पर किसी तरह की सख्ती दिखाई दी। ऐसा प्रतीत हुआ मानो अधिकांश लोगों को इस मॉकड्रिल की जानकारी ही नहीं थी या फिर निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया गया।

नगर निगम द्वारा दिनभर चौराहों पर लगे लाउडस्पीकरों के माध्यम से आम जनमानस को सचेत करने का दावा जरूर किया गया, लेकिन जमीनी हकीकत यह रही कि लोगों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा। न पुलिस की सक्रियता नजर आई और न ही प्रशासनिक अमला सड़कों पर ब्लैकआउट को लागू कराता दिखाई दिया।

Advertisement

इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मॉकड्रिल का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों और प्रशासन की तत्परता को परखना होता है, लेकिन गोरखपुर में यह अभ्यास सिर्फ एक औपचारिकता बनकर रह गया।

शहरवासियों का कहना है कि जब मॉकड्रिल के दौरान ही नियमों का पालन नहीं कराया जा सका, तो वास्तविक आपात स्थिति में व्यवस्था कैसे संभाली जाएगी, यह एक बड़ा प्रश्न है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस लापरवाही से कोई सबक लेता है या आने वाले समय में ऐसे अभ्यास भी सिर्फ रस्म अदायगी बनकर रह जाएंगे।

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page