Connect with us

गाजीपुर

हरिहरपुर कालीधाम में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

Published

on

Loading...
Loading...

गाजीपुर (जयदेश)। पूर्वांचल में ख्यातिलब्ध सिद्धपीठ हथियाराम की शाखा हरिहरपुर कालीधाम श्रद्धालुओं के अगाध आस्था व विश्वास का केंद्र है। यह मंदिर और इसमें विद्यमान मां काली की तीन प्रतिमाएं स्वयं में काफी महत्व रखती हैं। यहां सच्चे हृदय से दर्शन-पूजन करने से श्रद्धालुओं के सकल मनोरथ पूर्ण होते हैं।

मान्यता है कि मंदिर में स्थापित तीनों देवी प्रतिमाओं के दर्शन-पूजन से काल को भी टाला जा सकता है। कालीधाम में स्थापित मां काली प्रतिमा की महत्ता का वर्णन करते हुए सिद्धपीठ हथियाराम के पीठाधीश्वर एवं जूना अखाड़ा के वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी श्री भवानीनन्दन यति जी महाराज बताते हैं कि मंदिर में स्थापित दक्षिणमुखी प्रतिमाएं स्वयं में अत्यंत ही महत्वपूर्ण हैं।

मंदिर में सबसे पहली प्रतिमा शव के ऊपर स्थापित है। इस मूर्ति के बारे में अपने गुरुजी महाराज द्वारा सुनी कथा का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि सैकड़ों वर्ष पूर्व स्थापित इस प्रतिमा की एक अंगुली किसी कारणवश टूट गई। इसकी जानकारी होने पर उनके गुरुजी महाराज ने खंडित प्रतिमा के स्थान पर दूसरी प्रतिमा स्थापित कराने की मंशा के तहत प्रतिमा हटवाने का काम शुरू कराया। जैसे ही मजदूरों ने प्रतिमा हटाना शुरू किया, वैसे ही मंदिर की छत से रक्त टपकने लगा। यह देखकर मजदूरों ने काम रोक दिया और गुरुजी महाराज को भी इस बात का अनुभव हुआ तो वे तुरंत मंदिर की तरफ दौड़ पड़े।

Advertisement

श्री भवानीनन्दन यति ने बताया कि गुरु महाराज ने खंडित प्रतिमा के स्थान पर दूसरी प्रतिमा स्थापित कराने के लिए नई प्रतिमा मंगा रखी थी, उसे इसी प्रतिमा के ठीक बगल में स्थापित करा दिया गया। बताया कि दो प्रतिमाएं होने के बाद तीसरी प्रतिमा की स्थापना कराना अपरिहार्य हो गया। फलस्वरूप श्वेत प्रतिमा की स्थापना कराई गई। यह तीनों प्रतिमाएं मां के तीनों रूपों महासरस्वती, महालक्ष्मी और महाकाली के रूप में अर्चन-वंदन की जाती हैं। इन प्रतिमाओं का स्पर्श करने से इनकी शक्ति क्षीण होती है। हालांकि, इनके अर्चन-वंदन से काल को भी टाला जा सकता है।

काली धाम हरिहरपुर में वासंतिक नवरात्रि प्रतिपदा से शुरू होकर नवरात्र पर्यंत चलने वाले धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लेकर यज्ञ मंडप की परिक्रमा करने और पीठाधीश्वर का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए स्वजनपद समेत देश के कोने-कोने से शिष्य श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। वासंतिक नवरात्र के दूसरे दिन शुक्रवार को काफी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई है, जिससे फलाहार और महाप्रसाद ग्रहण कर लोग देवी माता के साथ ही महामंडलेश्वर का जयकारा लगाते हुए अपने घरों को वापस लौट रहे हैं।

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page