वाराणसी
हम समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के आंखों में खुशी और जीवन में उम्मीद देने आएं हैं
रिपोर्ट – प्रदीप कुमार
वाराणसी। नगर निकाय चुनाव में मेयर पद के लिए कांग्रेस की तरफ से छात्र राजनीति से ही मुख्यधारा की राजनीति में पदार्पण करने वाले तथा सौम्यता, मृदुलता और सत्यनिष्ठा के साथ मानवीय मूल्यों को जीने वाले हमारे वरिष्ठ कांग्रेस नेता आदरणीय श्री अनिल श्रीवास्तव जी ने सैकड़ों की संख्या में कांग्रेसजनों की गरिमामयी उपस्थिति में अपना नामांकन पर्चा दाखिल किया । अनिल श्रीवास्तव के नामांकन में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रांतीय अध्यक्ष पूर्व विधायक अजय राय, पूर्व सांसद डॉ राजेश मिश्रा, हाजी रईस अहमद प्रस्तावक थे ।

विदित हो कि वाराणसी नगर निकाय चुनाव हेतु कांग्रेस की तरफ से वरिष्ठ कांग्रेस नेता अनिल श्रीवास्तव को पार्टी आलाकमान ने अपना प्रत्याशी घोषित किया है। इसी क्रम में रविवार को अनिल श्रीवास्तव ने सुबह बाबा श्री काशी विश्वनाथ जी, काशी कोतवाल बाबा कल भैरव का दर्शन – पूजन करने के उपरांत मैदागिन स्थित पूर्व प्रधानमंत्री स्व राजीव गांधीजी, लोहटिया स्थित पूर्व प्रधानमंत्री स्व लाल बहादुर शास्त्री जी तथा कैंट स्थित पूर्व रेल मंत्री एवं मुख्यमंत्री विकास पुरुष स्व कमलापति त्रिपाठीजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अपना शीष नवाया । तत्पश्चात प्रातः दस बजे नदेसर स्थित मिंट हाउस के पास स्थित स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा स्थल से स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा को माल्यार्पण कर श्री अनिल श्रीवास्तव जी नामांकन हेतु प्रस्थान करने वाले थे, लेकिन स्थानीय पुलिस – प्रशासन ने धारा 144 लागू होने की बात कह जुलूस निकालने की आज्ञा नहीं दी, जबकि कोर्ट ने जुलूस का परमिशन दिया था । इस बीच वाराणसी अपने हर दिल अजीज़ नेता के नामांकन की सूचना पर वाराणसी जनपद के शहरी तथा सुदूर ग्रामीण अंचल से बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता नदेसर पर इकट्ठा हो गए । पुलिस प्रशासन द्वारा जुलूस न निकालने देने की सूचना पर उपस्थित लोगों में इसकी तीखी प्रतिक्रिया भी देखने को मिली ।।कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के इस तुगलकी रवैए की कड़ी प्रतिक्रिया भी दी ।

नामांकन पत्र दाखिल करने के उपरांत उपस्थित मीडिया कर्मियों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए मेयर पद के प्रत्याशी अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि - जब तक समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन स्तर और उसकी आंखों में अभाव, गरीबी, नाउम्मीदी तथा दो वक्त की रोटी का हम भरोसा न दे दें, तब तक हमारे सारे वायदे, तथकतित विकास के वायदे भोथरे साबित होंगे । विकास जन सापेक्ष होता है नकि निरपेक्ष । ऐसा विकास किस काम का जो हमें दो जून की रोटी न मुहैया करा सके। आज गरीबी इंडेक्स, भुखमरी इंडेक्स, बेरोजगारी इंडेक्स, जीडीपी इंडेक्स, सत्ता के शह पर गुंडई इंडेक्स, सांप्रदायिकता का इंडेक्स, हमारी आपकी जेब का इंडेक्स धराशाही है । लोग आत्महत्या को मजबूर हो रहे हैं । आज बस जो इंडेक्स सबसे ऊपर है, वह है लूट, भ्रष्टाचार, मंहगाई, बेरोजगारी । भाजपा ने नगर निगम को अपनी जेब बना रखा है। ढकोसले, हवा हवाई प्रोजेक्ट के नाम पर बनारस को लूटा जा रहा है । आम बनारसी बज बजाते सीवर, खराब से खराब सड़कों, मंहगी बिजली, भ्रष्टाचार, बढ़ते टैक्स से परेशान हैं। बनारस की ट्रैफिक ध्वस्त है। बनारस में विकास के नाम पर जो अरबों रुपए आ रहे हैं, वह बिना दूरदर्शिता के स्वाहा हो जा रहे हैं। विकास का अर्थ जमीनी हकीकत को समझते हुए योजनाओं का क्रियान्वयन कराना है । अनियोजित और अदूरदर्शी योजनाओं ने बनारस की ऐतिहासिकता, उसके माहत्म्य को खंडित किया है। हम बनारस के साथ किए जा रहे इस विश्वासघात को रोककर बनारस को उसके मिजाज के अनुरूप विकसित करेंगे । हम एक मजबूत रोड मैप के साथ काम करेंगे जिससे कि बनारस की पहचान अमिट रहे। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रांतीय अध्यक्ष पूर्व विधायक अजय राय ने कहा कि - भाजपा सरकार की हत्या, गुंडई, भ्रष्टाचार से जुड़ी जीरो टॉलरेंस नीति सिर्फ ईमानदार लोगों पर लागू होती है । दुःख की बात है कि आज सरकार और प्रशासन मिलकर हत्या जैसे जघन्य अपराध में शामिल हैं । पुलिस सुरक्षा में माफिया अतीक अहमद की हत्या यह दर्शाती है कि आज पूरा तंत्र माफियाराह का पनाहगाह बन चुका है। क्या योगी जी इस घटना की सी बी आई जांच करवाकर दोषियों को सजा दिलवाएंगे । आखिर यह कैसा समय है जहां अदालतों और जजों को मूक दर्शक बनाकर छोड़ दिया गया है। क्या हम किसी घोर मध्ययुगीन बर्बर समाज की तरफ बढ़ रहे हैं ? अतीक अहमद एक अपराधी था, पर उसे सजा देने का काम अदालत का था न कि पुलिस या सरकार का। उन्होंने कहा कि यह सब सिर्फ पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक द्वारा पुलवामा हमले में नरेंद्र मोदी सरकार की संदिग्ध भूमिका से जुड़े हालिया इंटरव्यू को दबाने और निकाय चुनावों में वोटों के बंटवारे के लिए किया गया है। भाजपा सरकार को निकाय चुनाव में मिलने वाले शिकस्त का आभास हो चुका है इसीलिए निकाय चुनाव में सरकार हिंदू - मुस्लिम कार्ड खेलकर चुनावों को सांप्रदायिक रूप देकर वोटों के ध्रुवीकरण के लिए यह षड्यंत्र रच रही है।
इस अवसर छत्तीसगढ़ के दर्जा प्राप्त मंत्री एवं राष्ट्रीय सचिव राजेश तिवारी, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रांतीय अध्यक्ष पूर्व विधायक अजय राय, पूर्व सांसद डॉ राजेश मिश्रा, जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी के सम्मानित अध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल, राघवेंद्र चौबे,विजय शंकर मेहता, देवेंद्र प्रताप सिंह, कमलेश ओझा, महंत बबलू तिवारी, इमरान खान, दुर्गा प्रसाद गुप्ता, मनींद्र मिश्रा, शिवपाल श्रीवास्तव,सतीश चौबे पवन श्रीवास्तव, आशुतोष,संजीव सिंह, देवेंद्र प्रताप सिंह, सुशील सिंह, शैलेंद्र सिंह, फसाहत हुसैन बाबू, हसन मेंहदी कब्बन, हाजी रईस अंसारी, विनय शाजेदा, दिग्विजय सिंह, मनीष मोरोलिया, ओम प्रकाश ओझा, राजीव गौतम, अभिषेक सिंह, वीरेंद्र कपूर, पूनम कुंडू, भगवती सिंह, श्री प्रकाश सिंह, डॉ जितेंद्र सेठ, राजीव राम, मदन उपाध्याय, चक्रवर्ती पटेल, बृजेश जैसल, गोपाल पटेल, श्याम सुंदर पांडेय, अफसर खान सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता उपस्थित थे
