पूर्वांचल
सीजेएम कोर्ट के आदेश पर चंदौली के एसपी समेत 18 पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज
गाजीपुर (नंदगंज)। चंदौली पुलिस द्वारा जनता से अवैध वसूली का मामला उजागर करने वाले सिपाही अनिल कुमार सिंह को अगवा कर हत्या का प्रयास करने के गंभीर मामले में सीजेएम कोर्ट गाजीपुर के आदेश पर 27 नवंबर को नंदगंज थाने में चंदौली के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक समेत 18 पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
नंदगंज पुलिस ने इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 219, 220, 342, 364, 389, 467, 468, 471 और 120-बी के तहत मामला दर्ज किया। इस कार्रवाई से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
लंबे समय तक टालती रही पुलिस
सूत्रों के अनुसार, सीजेएम कोर्ट ने करीब डेढ़ महीने पहले ही मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था, लेकिन नंदगंज पुलिस ने कार्रवाई करने में काफी समय लगाया। अंततः हाईकोर्ट से नोटिस मिलने पर पुलिस को झुकना पड़ा और 27 नवंबर को मामला दर्ज कर लिया गया।
क्या है मामला?
सिपाही अनिल कुमार सिंह, निवासी शिवशंकर नगर कॉलोनी, भुल्लनपुर, थाना मडुवाडीह, वाराणसी ने चंदौली पुलिस पर जनता से अवैध वसूली का आरोप लगाया था। इसके बाद तत्कालीन एसपी ने उन्हें बर्खास्त कर दिया। अनिल सिंह का आरोप है कि उन्हें फंसाने के लिए विभाग ने साजिश रची।
अगवा करने का आरोप
अनिल सिंह ने बताया कि नंदगंज थाना क्षेत्र के बड़हरा गांव स्थित उनकी ससुराल से उन्हें सादे कपड़ों में आए पुलिसकर्मियों ने अगवा कर लिया। उनकी बेटी खुशबू सिंह ने इस घटना की सूचना 112 डायल पर दी, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। अनिल सिंह का दावा है कि उन्हें बबुरी थाने ले जाया गया, जहां फर्जी मुकदमों में फंसाने की साजिश की गई।
न्याय के लिए कोर्ट की शरण
पुलिस द्वारा न्याय न मिलने के बाद अनिल सिंह ने कोर्ट का रुख किया। सीजेएम कोर्ट ने चंदौली पुलिस के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया। हालांकि, नंदगंज पुलिस इस आदेश को लंबे समय तक टालती रही। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद आखिरकार मामला दर्ज हुआ।
थानाध्यक्ष का बयान
थानाध्यक्ष कमलेश कुमार ने बताया कि, “सीजेएम कोर्ट के आदेश का अनुपालन करते हुए मामला पंजीकृत कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।”
यह मामला पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर सवाल खड़े करता है। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
