वाराणसी
साइबर अपराध से 98 लाख की ठगी के मामले का पर्दाफाश
चाइनीस गिरोह का मास्टरमाइंड पकड़ा गया, मोबाइल फोन और नकदी बरामदसारनाथ थाना क्षेत्र के माधव नगर कॉलोनी निवासी अनुज कुमार यादव ने गत 4 दिसंबर को थाने में प्रार्थना पत्र दिया था जिसमें शिकायत की थी कि साइबर अपराधियों ने उन्हें डिजिटल हाउस अरेस्ट करके 98 लाख रुपये की ठगी की।
इस शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच साइबर थाने के प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार यादव को सौंप दी थी।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त और पुलिस उपायुक्त के निर्देशन में एक विशेष टीम बनाई गई जिसने जांच तेज़ की। टीम के नेतृत्व में अपर पुलिस उपायुक्त और सहायक पुलिस आयुक्त ने जांच में तेजी लाई जिससे वाराणसी में एक अंतरराष्ट्रीय चाइनीज गैंग के मास्टरमाइंड प्रॉक्सी को गिरफ्तार किया गया।
उसके पास ठगी में इस्तेमाल हुए मोबाइल फोन और नकदी भी बरामद हुई।साइबर अपराधियों का तरीका यह था कि वे फर्जी ट्राई अधिकारी या सी.बी.आई. अधिकारी बनकर लोगों को फोन करते और उन्हें बताते कि उनके नाम पर फर्जी सिम कार्ड जारी किए गए हैं, जो अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल हो रहे हैं। इसके बाद वे डिजिटल हाउस अरेस्टिंग का झांसा देकर लोगों से पैसे ट्रांसफर करवा लेते थे।
ये पैसे गेमिंग एप्लिकेशन में ट्रांसफर कर दिए जाते थे, इसके लिए ई.सी.एस. और ई.आई.पी. सर्विसेज का उपयोग किया जाता था।अभियुक्त प्रॉक्सी ने अपने एजेंटों के माध्यम से फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल कर ठगी को अंजाम दिया।
गिरफ्तार अभियुक्त ने विदेशी साथियों के साथ मिलकर साइबर ठगी के पैसे को गेमिंग एप्लिकेशन में ट्रांसफर किया। इस मामले में अब तक कई अन्य अभियुक्तों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने इस मामले में सराहनीय कार्य करते हुए ठगी करने वाले गैंग के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया और ठगी में इस्तेमाल हुए मोबाइल फोन और नकदी भी बरामद की।
