Connect with us

गाजीपुर

सरकारी फाइलों में गुलजार, जमीन पर खंडहर बने शवदाह स्थल

Published

on

Loading...
Loading...

अंत्येष्टि स्थलों की बदहाली, शेड गायब और रास्ते बंद

गाजीपुर (जयदेश)। सरकारी अभिलेखों में अंत्येष्टि स्थल सक्रिय और व्यवस्थित दिखते हैं, लेकिन हकीकत में इनका हाल बदहाल है। लापरवाही और उपेक्षा के चलते कई स्थानों पर शेड गायब हो चुके हैं, तो कहीं शौचालयों के दरवाजे टूट गए हैं। ऐसी स्थिति में लोग इन जर्जर अंत्येष्टि स्थलों पर आने से बच रहे हैं और अंतिम संस्कार के लिए दूसरे स्थानों का सहारा ले रहे हैं। 72 लाख रुपये की लागत से गहमर, बारा और पटना में निर्मित अंत्येष्टि स्थलों की देखरेख करने वाला कोई नजर नहीं आ रहा है।

जनपद में कुल 133 अंत्येष्टि स्थल हैं, जिनका निर्माण 31.92 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया है। एक अंत्येष्टि स्थल पर लगभग 24 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। 1750 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बनने वाले इन स्थलों पर शवदाह गृह, शांति स्थल, लकड़ी भंडारण की व्यवस्था, छाया, शौचालय, चहारदीवारी, गेट, इंटरलॉकिंग और शेड जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान है।

अंत्येष्टि स्थलों की बदहाली के कारण ग्रामीण यहां आना छोड़ चुके हैं। अब लोग एक से दो किलोमीटर दूर अन्य स्थानों पर अपनों का अंतिम संस्कार करना अधिक उचित समझ रहे हैं।

गहमर के पंचमुखी गंगा घाट पर वर्ष 2015 में अंत्येष्टि स्थल का निर्माण कराया गया था। वर्तमान में यहां का हैंडपंप गायब हो चुका है। घास-फूस और झाड़ियों का फैलाव इतना बढ़ गया है कि स्थल खंडहर जैसी स्थिति में पहुंच गया है।

Advertisement

बारा पूरब मोहल्ला स्थित अंत्येष्टि स्थल तक पहुंचने के लिए कोई रास्ता नहीं है और लोगों को खेत के रास्ते होकर जाना पड़ता है। यहां शौचालय के दरवाजे टूट चुके हैं। चहारदीवारी और पानी की टंकी भी नहीं है। वर्ष 2021-22 में बने इस अंत्येष्टि स्थल में शौचालय के लिए पानी का कनेक्शन तक नहीं कराया गया है।

पटना स्थित अंत्येष्टि स्थल का निर्माण वर्ष 2016 में हुआ था। यहां शवदाह गृह के ऊपर केवल अधूरा टीनशेड बचा है। स्थल पर न तो चहारदीवारी है और न ही बुनियादी सुविधाएं। शवदाह गृह के लिए बनाया गया चबूतरा भी अब गायब हो चुका है।

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page