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वाराणसी

संचारी रोगों पर काबू पाने के लिए सभी विभाग निभा रहे सक्रिय भूमिका

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संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत अब तक छह लाख लोगों की हुई स्क्रीनिंग

स्कूलों से निकाली गईं 836 रैलियाँ, बनाए गए 123 नए शौचालय

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ग्राम प्रधानों के सहयोग से हुईं 321 प्रभात फेरी व बैठकें

वाराणसी| जिले में एक से 31 जुलाई तक चलाये जा रहे संचारी रोग नियंत्रण अभियान में स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभाग लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इसके साथ ही 16 जुलाई से शुरू हुये दस्तक अभियान के अंतर्गत जनपद में मच्छर जनित बीमारियों के प्रति जन जागरूकता संबंधी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसके अलावा डेंगू, मलेरिया, टीबी आदि के संभावित लक्षण वाले व्यक्तियों को चिन्हित किया जा रहा है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संदीप चौधरी ने बताया कि बरसात का मौसम आते ही जल जमाव व गंदगी से मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ने लगता है। इस पर काबू पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग सहित शिक्षा, आईसीडीएस, ग्राम्य विकास, नगरीय विकास व अन्य विभाग लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होने बताया कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, फाइलेरिया, कालाजार आदि से बचाव के लिए साफ-सफाई और दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है। इसके साथ ही दस्तक अभियान के अंतर्गत आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रही हैं। संभावित लक्षण वाले व्यक्तियों को चिन्हित कर रही हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) शरद चंद पांडे का कहना है कि अभियान के तहत शिक्षा विभाग की ओर से 1600 स्कूल रैली के सापेक्ष 15 जुलाई तक 836 रैलियाँ निकाली गईं। ग्राम विकास विभाग ने ग्राम प्रधान के माध्यम से 694 प्रभात फेरी के सापेक्ष 321 प्रभात फेरी निकाली और उतनी ही संख्या में ग्राम स्तरीय बैठकें की । ग्रामीण स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समिति केन्द्र के लिए निर्धारित 908 के सापेक्ष अब तक 364 बैठकें हुईं। ग्रामीण क्षेत्रों में नालियों की सफाई के 155 के सापेक्ष 81 नालियां साफ की गईं। ग्रामीण क्षेत्र में 418 झाड़ियों की कटाई की गई। निर्धारित लक्ष्य 386 इंडिया मार्क हैंडपंप-2 के सापेक्ष 176 हैंडपंप की मरम्मत कराई गई। इसके साथ ही स्वच्छ भारत मिशन के तहत निर्धारित 381 के सापेक्ष 123 नए शौचालय बनाए गए। नगरीय विकास विभाग ने 90 के सापेक्ष 52 नालियों की सफाई कराई। वार्डों में 90 के सापेक्ष 51 वार्डों में फॉगिंग की गई। पशुधन विकास विभाग ने निर्धारित लक्ष्य 120 के सापेक्ष 84 सुअरपालकों को संवेदीकृत किया। कृतक चूहों की रोकथाम के लिए कृषि विभाग ने लक्ष्य 694 के सापेक्ष 394 संवेदीकृत बैठकें की।
जिले में 16 जुलाई से शुरू हुये दस्तक अभियान में आशा कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, फाइलेरिया, खांसी-जुकाम के लक्षण, क्षयरोग और कालाजार के मरीजों को चिह्नित करने के लिए लोगों की स्क्रीनिंग की। इस दौरान करीब 1,69,918 घरों का भ्रमण का छह लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इसमे बुखार के 574 मरीज मिले लेकिन किसी में भी मलेरिया नहीं पाया गया। इसके साथ ही सर्दी-खांसी (आईएलआई) के 323 पाये गए और क्षय रोग के संभावित लक्षण वाले 46 व्यक्ति पाये गए, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है।
जनपद की स्थिति – डीएमओ ने बताया कि वर्ष 2021 में जनपद में 36,541 लोगों की जांच की गई जिसमें 191 मलेरिया के मरीज मिले। जबकि इस वर्ष अब तक 48,654 लोगों की जांच में सिर्फ 61 मलेरिया के मरीज मिले हैं। इसके साथ ही साल 2021 में 1658 एलाइजा टेस्ट में 323 डेंगू के मरीज मिले। इस वर्ष अब तक एक भी डेंगू के मरीज नहीं मिले। साल 2021 में 25,980 लोगों की जांच में 1764 टाइफाइड के मरीज मिले जबकि इस वर्ष अब तक सिर्फ 204 मरीज मिले। साल 2021 में 360 लोगों की जांच में कालाजार का एक भी रोगी नहीं मिला। इस वर्ष भी कालाजार का कोई रोगी नहीं पाया गया।

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