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धर्म-कर्म

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में ढूंढीराज, नंदू फारिया गली से शाम को दर्शन, संस्कृति संसद में पहुंचेंगे देशभर से संत

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रिपोर्ट – प्रदीप कुमार

वाराणसी। काशी में होने वाले तीन दिवसीय संस्कृति संसद का संत समागम गुरुवार को होगा। इसमें देश भर से संत जुटेंगे। इसके चलते श्री काशी विश्वनाथ धाम में दर्शनार्थियों के दर्शन-पूजन में कुछ बदलाव किया गया है। शाम के वक्त ढूंढीराज व नंदू फारिया गली से ही मंदिर में दर्शनार्थियों को प्रवेश मिलेगा।

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काशी में होने वाले तीन दिवसीय संस्कृति संसद के संत समागम में शंकराचार्य के नेतृत्व में देशभर से सैकड़ो की संख्या में महामंडलेश्वर, मंडलेश्वर, संत और विद्वान श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचेंगे। तीन दिवसीय आयोजन के प्रथम दिन श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में महा रुद्राभिषेक होगा। इसको लेकर दर्शनार्थियों के दर्शन की सुविधा में मंदिर प्रशासन ने कुछ परिवर्तन किया है। इसके तहत शाम के 4:00 से लेकर 7:00 बजे तक केवल नंदू फारिया गली और ढूंढीराज प्रवेश द्वार से ही दर्शनार्थियों को दर्शन करने की सुविधा मिलेगी। मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि इस संत समागम में संतों महात्माओं की संख्या अत्यधिक है। दूसरा इनके दर्शन पूजन में व्यवधान न हो, इसके लिए श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का गंगा द्वार सरस्वती फाटक और गेट नंबर 4 से आम दर्शनार्थियों का प्रवेश शाम 4:00 से 7:00 बजे तक प्रतिबंधित रहेगा।

सभी दर्शनार्थी केवल ढूंढीराज प्रवेश द्वार और नंदू फारिया गली से मंदिर में प्रवेश करेंगे, जो गर्भगृह के पश्चिमी गेट से बाबा का दर्शन प्राप्त कर सकेंगे। बाकी गर्भगृह के तीन द्वारों से संतों का प्रवेश होगा और पूजन चलेगा। इस दौरान ही उपराष्ट्रपति का भी आगमन है, ऐसे में इन दोनों बड़े आयोजनों के संपन्न होने के पश्चात सभी गेट आम दर्शनार्थियों के लिए खोले जाएंगे। संतो के होने वाले इस महारुद्राभिषेक को लेकर मंदिर प्रशासन की ओर से विशेष तैयारी की गई है।

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