वाराणसी
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में धूमधाम से मनाया गया अक्षयवट हनुमान जी का जन्मोत्सव
काशी में विराजमान अक्षयवट हनुमान जी का अलौकिक श्रृंगार और विशेष पूजा संपन्न
वाराणसी। पावन पर्व हनुमान जयंती पर श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में विराजमान अक्षयवट हनुमान का जन्मोत्सव भव्य तरीके से मनाया गया। मध्यरात्रि के बाद इस अद्भुत मूर्ति का पंचामृत से स्नान कराया गया। इसके बाद हनुमान जी का तेल और सिंदूर से विशेष लेपन कर उन्हें नए वस्त्र पहनाए गए और भव्य श्रृंगार किया गया। इस अवसर पर मंदिर प्रांगण भक्तों की श्रद्धा और आस्था से गूंज उठा।
अक्षयवट हनुमान जी का अनोखा महत्त्व
मंदिर के महंत सतीश गिरी ने बताया कि प्रयागराज, काशी, और गया में स्थित अक्षयवट हनुमान जी की प्रतिमाओं का विशेष धार्मिक महत्त्व है। प्रयागराज में लेटे हुए, काशी में खड़े, और गया में बैठे हुए हनुमान जी की पूजा होती है। सभी अक्षयवट हनुमान जी के अलग-अलग स्वरूप हैं, जिनके दर्शन का अलग ही पुण्य माना गया है। दीपावली के दिन पड़ने वाली हनुमान जयंती पर काशी में स्थित हनुमान जी के दर्शन-पूजन का विशेष महत्व है।
श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
सुबह मंगला आरती के बाद से ही मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लग गया। महंत बच्चा पाठक ने बताया कि महाआरती से पहले हनुमान जी का बेला, तुलसी और गेंदे के फूलों से विशेष श्रृंगार किया गया। मंदिर प्रांगण सुगंध से भर उठा। इसके बाद बाबा को विविध मिठाइयों और फलों का भोग अर्पित किया गया।
प्रसाद वितरण
महंत रमेश गिरी ने भव्य महाआरती संपन्न करवाई, जिसके बाद आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू कर दिए गए। भक्तों में बाबा को चढ़ाए गए प्रसाद का वितरण किया जा रहा है। हनुमान जन्मोत्सव पर इस पावन अवसर का लाभ उठाने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु काशी पहुंचे हैं।
