वाराणसी
शैक्षणिक कैंपस में गुंडागर्दी पर शिकंजा, एलआईयू की रिपोर्ट में कई नाम उजागर!
वाराणसी। जनपद के शैक्षणिक परिसरों में बढ़ रही हिंसक घटनाओं तथा यूपी कॉलेज में छात्र सूर्य प्रताप सिंह की दिनदहाड़े हत्या के बाद पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। कैंपस में उपद्रव और गुंडागर्दी करने वालों के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
एलआईयू (LIU) की मदद से बीएचयू, काशी विद्यापीठ और यूपी कॉलेज जैसे प्रमुख शिक्षण संस्थानों में सक्रिय विवादित और उपद्रवी छात्रों की पहचान की जा रही है। इस विशेष अभियान का उद्देश्य परिसर में दहशत फैलाने वाले तत्वों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखना और भविष्य में किसी भी प्रकार की हिंसक घटना पर प्रभावी अंकुश लगाना है।
प्रारंभिक जांच में बीएचयू के 13, यूपी कॉलेज के 17 और काशी विद्यापीठ के 7 छात्रों को चिह्नित किया गया है, जबकि यह संख्या आगे बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि कई मामलों में हॉस्टलों में अवैध रूप से रह रहे पूर्व छात्रों की संलिप्तता प्रमुख रूप से पाई गई है, जो परिसरों को अपना ठिकाना बना लेते हैं।
हाल के महीनों में हुई फायरिंग और मारपीट की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने अब ऐसे दागी छात्रों और उनके सहयोगियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है, ताकि शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा और गरिमा को पुनः स्थापित किया जा सके।
