गोरखपुर
शिक्षा के स्वर्णिम पथ पर अग्रसर एस.एस.डी. सेंट्रल एकेडमी का भव्य वार्षिकोत्सव सम्पन्न
गोरखपुर। जनपद के खजनी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा डोडो बिहारी बुजुर्ग स्थित एस.एस.डी. सेंट्रल एकेडमी में अभिभावक संगोष्ठी एवं वार्षिकोत्सव का आयोजन बड़े ही धूमधाम, उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार, अभिभावकों एवं क्षेत्रीय गणमान्य लोगों की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को और भी भव्य बना दिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में खजनी तहसील के तहसीलदार महोदय की गरिमामयी उपस्थिति रही, जबकि गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ओ.पी. सिंह ने विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। उनके प्रेरणादायक संबोधन ने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को शिक्षा के प्रति और अधिक जागरूक एवं प्रेरित किया। कार्यक्रम का सफल एवं आकर्षक संचालन नेहा सिंह द्वारा किया गया, जिसकी सभी ने सराहना की।

विगत 20 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा यह शिक्षण संस्थान अब सिल्वर जुबली के कगार पर पहुंचकर एक स्वर्णिम इतिहास रचने की दिशा में अग्रसर है। विद्यालय की उत्कृष्ट शैक्षणिक व्यवस्था, अनुशासन एवं आधुनिक शिक्षण पद्धति ने इसे क्षेत्र में एक विशिष्ट पहचान दिलाई है। कार्यक्रम के दौरान बच्चों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया, वहीं अभिभावकों ने विद्यालय की कार्यप्रणाली की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

विद्यालय के प्रबंधक श्री सुरेन्द्र कुमार मौर्य, जो श्री सुदामा मौर्य के सुपुत्र हैं, की दूरदर्शी सोच एवं समर्पण इस संस्था की सफलता का प्रमुख आधार है। वहीं विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार के कुशल नेतृत्व में शैक्षणिक गतिविधियां निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर हैं। विद्यालय की पहली प्राथमिकता प्रत्येक छात्र-छात्रा के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करना है, जो इसकी कार्यशैली में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है।

विद्यालय में 45 मिनट के सुव्यवस्थित कक्षाओं का संचालन, अनुभवी एवं योग्य शिक्षकों की टीम तथा अनुशासित वातावरण बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यही कारण है कि यह विद्यालय आज क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और अभिभावकों का विश्वास निरंतर मजबूत हो रहा है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार की कर्तव्यपरायणता, समर्पण एवं विद्यार्थियों के प्रति उनके स्नेह को सराहते हुए सभी ने विद्यालय के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह आयोजन न केवल एक उत्सव था, बल्कि शिक्षा के प्रति समर्पण और उत्कृष्टता का जीवंत उदाहरण भी प्रस्तुत करता है।
