वाराणसी
वाराणसी : सिगरा स्टेडियम का नाम बदलने पर सपा और कांग्रेस का प्रदर्शन
यूपी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भी जताया कड़ा विरोध
वाराणसी में सिगरा स्टेडियम के नाम को डॉ. संपूर्णानंद से बदलकर वाराणसी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स करने के निर्णय के खिलाफ समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं और यूपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने स्टेडियम के गेट पर नारेबाजी करते हुए पुराने नाम को पुनर्स्थापित करने की मांग की और नए बोर्ड को हटाने की मांग की।
सपा नेताओं ने इसे “बदले की राजनीति” करार देते हुए सरकार पर आरोप लगाया कि वह महापुरुषों के नाम को धूमिल कर रही है। इस हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में किया। शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद सपा नेताओं ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर बोर्ड हटाने की मांग की।
बता दें कि कल (20 अक्टूबर) चंदौली के सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने भी इस नाम परिवर्तन पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद आज सोमवार को समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने भी अपनी नाराजगी व्यक्त की है।

बता दें कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सिगरा स्टेडियम वाराणसी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स फेज-2 और फेज-3 का उद्घाटन किया, जिसमें 20 से अधिक खेलों के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। नए स्टेडियम का नाम डॉ. संपूर्णानंद सिगरा स्पोर्ट्स स्टेडियम से बदलकर वाराणसी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स रखा गया है, जिसके लिए सपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
सोमवार को सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता सिगरा स्टेडियम पहुंचे और नारेबाजी शुरू कर दी। सपा कार्यकर्ता अंदर घुसने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन गेट बंद होने के कारण वे सफल नहीं हो पाए। गेट को देखकर गार्ड भी भाग गए, जिसके बाद सपा कार्यकर्ता गेट पर चढ़ गए और प्रदर्शन करने लगे। उन्होंने नाम बदलने का विरोध करते हुए पोस्टर भी चिपका दिए और गेट के बाहर धरने पर बैठ गए।

एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने कहा कि डॉ. संपूर्णानंद, जो यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यपाल रह चुके हैं, काशी के शिक्षा जगत में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति थे। उनका नाम हटाने से बनारस के प्रबुद्ध जनों को आघात पहुंचा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर नाम फिर से डॉ. संपूर्णानंद नहीं किया गया, तो सपा एक बड़ा जन आंदोलन करेगी।
