वाराणसी
वाराणसी : दारोगा से हाथापाई करने वाले एक दर्जन से अधिक व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर
आरोपियों की धरपकड़ में जुटी पुलिस
पुलिस कर्मियों पर हमला करने और सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप
वाराणसी। दशाश्वमेध थाना क्षेत्र के गोदौलिया चौराहे के समीप दर्शनार्थियों की सुरक्षा ड्यूटी में तैनात उप निरीक्षक आनंद प्रकाश और उसके साथ के पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता करने, मारपीट, सरकारी गाड़ी को तोड़ने के मामले में पांच नामजद तथा एक दर्जन से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ बलवा हत्या के प्रयास शांति भंग, मारपीट और धमकी सहित आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम के तहत पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।

थाने में दी गई तहरीर में उप निरीक्षक आनंद प्रकाश ने आरोप लगाया कि, वह सरकारी जीप से अपने हमराहियों के साथ खड़े थे। इसी दौरान एक युवक रेसर गाड़ी से बिना हेलमेट लगाए बांस फाटक से दशाश्वमेध की ओर जा रहा था। जब उसकी बाइक रोकी गई को तो युवक धमकी देने लगा कि, तुम पुलिस वालों का दिमाग खराब हो गया है। बाइक रोकने की हिम्मत कैसे हुई तुम्हारी। इसी दौरान दो बाइक से उसके कुछ और साथी आए और 15 – 20 अज्ञात लोगों को वहां बुला लिया। मुझे धक्का देकर नीचे गिरा दिया और सभी ने एकजुट होकर मेरे हमराहियों को भी धक्का देते हुए जमीन पर गिरा दिया था । लाठी डंडे से प्रहार किया। किसी तरह हम लोगों ने अपनी जान बचाई।
इसके अलावा आरोपियों ने पुलिस की वर्दी के बटन, बिल्ला और स्टार को भी नोच लिया। इतना ही नहीं मनबढ़ों ने सरकारी जीप के इंडिकेटर को भी तोड़ दिया। इस पूरी घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है। इस मामले में उप निरीक्षक की तहरीर के आधार पर दशाश्वमेध पुलिस ने नीतिश सिंह, नितेश नरसिंहनी, राहुल सिंह, सनी गुप्ता और गप्पू सिंह के अलावा 10-15 अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 147, 323, 352, 307, 504, 506, 427 के अलावा आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम की धारा 7 तथा सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
इस बीच हमलावर पक्ष का कहना है कि, एक नशेड़ी व्यक्ति गोदौलिया चौराहे पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के खिलाफ लगातार अपशब्दों का प्रयोग कर रहा था। जिस पर उससे हम लोगों का विवाद हो गया हम लोगों ने किसी पुलिसकर्मी पर हमला नहीं किया।
