वाराणसी
वाराणसी एयरपोर्ट को रेल नेटवर्क से जोड़ने की मांग, सांसद प्रिया सरोज ने लिखा पत्र
वाराणसी। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा की कनेक्टिविटी को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम पहल सामने आई है। मछलीशहर की सांसद प्रिया सरोज ने एयरपोर्ट को रेल मार्ग से जोड़ने का प्रस्ताव रखते हुए प्रधानमंत्री और रेल मंत्री को पत्र भेजा है। वहीं एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता ने भी कैंट रेलवे स्टेशन से एयरपोर्ट तक लोकल ट्रेन चलाने का सुझाव रेलवे मुख्यालय को प्रेषित किया है। इस प्रस्ताव के लागू होने पर यात्रियों को जाम की समस्या से राहत मिलने के साथ यात्रा अधिक सुगम और सुविधाजनक होने की उम्मीद है।
बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 90 उड़ानों का संचालन हो रहा है, जिनके माध्यम से करीब 12 हजार यात्रियों का नियमित आवागमन होता है। उड़ानों की संख्या में लगातार वृद्धि के साथ यात्रियों की संख्या भी बढ़ रही है। आगामी वर्षों में रनवे विस्तार के बाद इस संख्या के दोगुना होने की संभावना जताई जा रही है। एयरपोर्ट पर इस समय विस्तारीकरण कार्य जारी है, जिसके अंतर्गत मल्टी लेवल पार्किंग, आठ एरोब्रिज, लगभग पांच हजार यात्रियों की क्षमता वाला नया टर्मिनल भवन तथा रनवे के नीचे टनल का निर्माण किया जा रहा है।
एयरपोर्ट को रेल मार्ग से जोड़ने की योजना को इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एयरपोर्ट से मुख्य रेलवे स्टेशन तक लोकल ट्रेन सेवा शुरू होने पर यात्रियों का समय बचेगा और आवागमन अधिक सहज हो सकेगा। एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता के अनुसार इस विषय पर क्षेत्रीय सांसद और हवाई अड्डा सलाहकार समिति की अध्यक्ष से चर्चा की जा चुकी है। उनका कहना है कि यदि बाबतपुर स्टेशन से वाराणसी के बीच लोकल ट्रेन चलाई जाती है तो यात्रियों को काफी सुविधा होगी। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संबंध में अभी तक रेल मंत्रालय को औपचारिक प्रस्ताव नहीं भेजा गया है।
सांसद प्रिया सरोज ने भी इस मुद्दे पर सक्रियता दिखाते हुए बाबतपुर स्टेशन से कैंट के बीच चार कोच की शटल ट्रेन चलाने का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में रेल मंत्री से वार्ता भी की गई है। उनके अनुसार एयरपोर्ट से शहर तक पहुंचने के लिए वर्तमान में एकमात्र सड़क मार्ग उपलब्ध है, जहां अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। वाराणसी में पर्यटकों और यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था आवश्यक हो गई है।
प्रस्ताव के लागू होने पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की बढ़ती संख्या के बावजूद जाम की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा। वर्तमान में एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए ऑटो, ई-रिक्शा और बस जैसे सड़क परिवहन साधनों पर ही निर्भर रहना पड़ता है, जिससे कई बार यात्री समय पर उड़ान नहीं पकड़ पाते। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट को रेल नेटवर्क से जोड़ने की योजना पर जोर दिया जा रहा है।
उम्मीद जताई जा रही है कि यह परियोजना शीघ्र ही अमल में लाई जाएगी, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और शहर के समग्र विकास को भी गति मिलेगी। एयरपोर्ट को रेल मार्ग से जोड़ने की यह पहल वाराणसी की परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही यात्रा को अधिक सुगम बनाने में सहायक सिद्ध हो सकती है। इस दिशा में एयरपोर्ट प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसके साथ ही शहर में मेट्रो सेवा के माध्यम से एयरपोर्ट को जोड़ने की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है। भाजपा के एजेंडे में शामिल इस योजना के लिए सरकार द्वारा बजट में भी कई बार प्रस्ताव रखे जा चुके हैं। बड़े शहरों की तर्ज पर यदि वाराणसी में मेट्रो परियोजना को गति मिलती है तो एयरपोर्ट कनेक्टिविटी के लिए यह एक प्रभावी विकल्प साबित हो सकता है।
