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सियासत

राघवेन्द्र चौबे ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना, जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग

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वाराणसी। शहर उत्तरी विधानसभा क्षेत्र (388) में चल रहे मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के द्वितीय चरण में अनियमितताओं और पक्षपातपूर्ण कार्यप्रणाली के आरोप लगाते हुए महानगर कांग्रेस कमेटी, वाराणसी के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी की उपस्थिति में एडीएम सप्लाई से मुलाकात कर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

कांग्रेस पदाधिकारियों ने बताया कि शहर उत्तरी विधानसभा क्षेत्र के 451 बूथों पर कराए गए गहन पुनरीक्षण के बाद प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची को लेकर प्रदेश सरकार के मंत्री रविंद्र जायसवाल द्वारा उठाए जा रहे सवाल भाजपा की कथनी और करनी के बीच के अंतर को उजागर करते हैं। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश और केंद्र दोनों जगह भाजपा की सरकार है और पूरा प्रशासन उसी के अधीन कार्य कर रहा है, तब मतदाता सूची में हुई किसी भी गड़बड़ी की जिम्मेदारी सीधे तौर पर भाजपा सरकार और उसके मंत्रियों की बनती है।

महानगर अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे ने कहा कि एसआईआर (SIR) के नाम पर लगातार गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं। कहीं पात्र मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं, कहीं वास्तविक मतदाताओं को सूची से बाहर किया जा रहा है, तो कहीं पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपनी विफलताओं से घबराकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है। मंत्री रविंद्र जायसवाल द्वारा ‘वोट जिहाद’ जैसे शब्दों के प्रयोग को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया तथा कहा कि काशी गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल है, जहां नफरत और विभाजन की राजनीति की कोई जगह नहीं है।

उन्होंने कहा कि काशी संत कबीर और नजीर की विचारधारा की धरती है, मां गंगा की नगरी है और भगवान विश्वनाथ की पावन काशी है। यहां की जनता कभी सांप्रदायिक राजनीति को सफल नहीं होने देगी। काशी के मतदाता, प्रबुद्धजन और नागरिक लोकतंत्र, भाईचारे और संविधान की रक्षा के लिए एकजुट हैं।

राघवेन्द्र चौबे ने बताया कि कांग्रेस पार्टी को विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली है कि एसआईआर के द्वितीय चरण में सत्ता के दबाव में बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा नियमों को दरकिनार कर नाम काटे जा रहे हैं। विशेष रूप से मुस्लिम क्षेत्रों के मतदाताओं के नाम संशोधन के नाम पर हटाए जा रहे हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है।

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ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि प्रिंटेड फॉर्म-7 के माध्यम से मुस्लिम क्षेत्रों के साथ-साथ अन्य समाज के मतदाताओं के नाम भी बड़े पैमाने पर काटे जा रहे हैं, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के विरुद्ध है। इसके साथ ही बताया गया कि एसआईआर के द्वितीय चरण का कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है और वाराणसी में प्रक्रिया अधूरी है, इसके बावजूद छह तारीख को काम समाप्त दिखाया जा रहा है, जबकि नियमानुसार एक माह का अतिरिक्त समय दिया जाना चाहिए। साथ ही बूथ लेवल अधिकारियों पर ऊपर से दबाव बनाए जाने का भी आरोप लगाया गया, जिससे वे जनता के सवालों का स्पष्ट उत्तर नहीं दे पा रहे हैं और भ्रम की स्थिति बनी हुई है।

महानगर कांग्रेस कमेटी ने जिला प्रशासन से मांग की कि मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और दबाव-मुक्त बनाया जाए। किसी भी मतदाता का नाम बिना ठोस कारण और वैधानिक प्रक्रिया के न काटा जाए और न जोड़ा जाए। पूरे एसआईआर कार्य की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए, ताकि मताधिकार जैसे संवैधानिक अधिकार का हनन न हो।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में काशी के मतदाता, प्रबुद्धजन और नागरिक एकजुट होकर भाजपा सरकार की विदाई सुनिश्चित करेंगे। पार्टी लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक सौहार्द की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी।

प्रतिनिधिमंडल में राघवेन्द्र चौबे, फसाहत हुसैन बाबू, अशोक सिंह, हसन मेहदी कब्बन, लोकेश सिंह, संतोष चौरसिया, मनोज वर्मा, विपिन पाल, अब्दुल हमीद डोडे, विनीत चौबे, मनोज पाण्डेय, वीरेन्द्र पंडित, बदरे आलम, साबिर अली, कल्पनाथ शर्मा, रामजी गुप्ता समेत कई लोग उपस्थित रहे।

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