वाराणसी
यूपी कॉलेज हत्याकांड : आधी रात छात्र का अंतिम संस्कार, आरोपी गिरफ्तार
वाराणसी। यूपी कॉलेज (उदय प्रताप कॉलेज) में बीएससी के छात्र सूर्य प्रताप सिंह (21) की गोली मारकर हत्या के बाद शनिवार देर रात उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस रात करीब 9 बजे शव को सीधे हरिशचंद्र घाट ले गई, जहां रात 12:30 बजे पिता ऋषि देव सिंह ने इकलौते बेटे को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार से पहले पिता आरोपी के एनकाउंटर की मांग पर अड़े रहे, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने समझाकर उन्हें राजी किया।

घाट ले जाते समय कुछ छात्रों ने विरोध जताया, जिस पर पुलिस ने लाठी फटकार कर उन्हें हटाया। इससे पहले पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर भारी भीड़ जुटी रही। परिजन गहरे सदमे में थे और पिता कई बार बेसुध होकर जमीन पर बैठ गए। काफी देर बाद उन्होंने बेटे का अंतिम दर्शन किया। उन्होंने कहा कि परिवार का सहारा छिन गया और उनका घर उजड़ गया।

पुलिस ने मुख्य आरोपी छात्र मंजीत सिंह चौहान (21) को देर रात गिरफ्तार कर लिया। वारदात के बाद वह कॉलेज की बाउंड्री फांदकर भागा था, जिससे उसका एक पैर टूट गया। उसे शिवपुर थाने में रखकर पूछताछ की जा रही है, जबकि उसके साथी की तलाश जारी है।
घटना शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे की है, जब कॉलेज परिसर में बीए सेकेंड ईयर के छात्र मंजीत सिंह चौहान ने बीएससी छात्र सूर्य प्रताप सिंह को गोली मार दी। वारदात का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी छात्र घायल सूर्य के ऊपर चढ़कर फायरिंग करता दिखाई दे रहा है। प्रारंभिक जांच में विवाद की वजह रैगिंग और वर्चस्व की लड़ाई बताई जा रही है।

बताया गया कि दोनों छात्रों के बीच पिछले तीन महीने से विवाद चल रहा था। घटना वाले दिन प्राचार्य ने दोनों को कार्यालय में बुलाया था, जहां फिर बहस हो गई। इसी दौरान कथित तौर पर दी गई धमकी से नाराज होकर आरोपी ने कुछ देर बाद गोली मारकर हत्या कर दी। वह घर से पिस्टल लेकर कॉलेज लौटा और कला संकाय के बरामदे में छात्र पर ताबड़तोड़ फायरिंग की।
वारदात के बाद आरोपी हथियार फेंककर फरार हो गया। भागने के दौरान करीब 12 फीट ऊंचाई से कूदने पर उसका पैर टूट गया, फिर भी वह आगे बढ़ा और ई-रिक्शा से गिलट बाजार पहुंचकर फोन बंद कर लिया। पुलिस के दबाव में अंततः उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
घटना के बाद कॉलेज परिसर में छात्रों का आक्रोश फूट पड़ा। छात्रों ने तोड़फोड़ की और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति नियंत्रित की और लाठी फटकार कर भीड़ को हटाया। पथराव में तीन प्रोफेसर भी घायल हुए।

मृतक सूर्य प्रताप सिंह गाजीपुर जिले के रहने वाले थे और कॉलेज हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करते थे। वह पढ़ाई में मेधावी थे और 12वीं में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने के बाद बीएससी मैथ में प्रवेश लिया था। आगे एमएससी कर शोध करने का उनका लक्ष्य था। उनके पिता ड्राइवर हैं, जबकि मां स्कूल में सहायिका हैं। परिवार में दो बहनें भी हैं।
आरोपी मंजीत सिंह चौहान वाराणसी के चांदमारी क्षेत्र का निवासी है और बीए द्वितीय वर्ष का छात्र है। उस पर पहले भी मारपीट का मामला दर्ज है। पुलिस के अनुसार, वह सोशल मीडिया पर ‘1818’ नाम से समूह चलाता है और खुद को ‘माफिया’ लिखता है।
वरुणा जोन के डीसीपी प्रमोद कुमार ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, उसका पैर टूटा हुआ है और उससे पूछताछ जारी है, जबकि उसके सहयोगी की तलाश की जा रही है।
