अपराध
यूपीआरएनएन के अपर परियोजना प्रबंधक राजवीर सिंह के ठिकानों पर विजिलेंस का छापा
नोएडा। उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम (UPRNN) के अपर परियोजना प्रबंधक राजवीर सिंह के खिलाफ विजिलेंस विभाग ने मंगलवार को आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई की। लखनऊ से आई विजिलेंस टीम ने राजवीर सिंह के नोएडा स्थित सेक्टर 105 के निजी आवास और सेक्टर 63 स्थित UPRNN कार्यालय सहित कई अन्य ठिकानों पर छापा मारा। यह कार्रवाई सुबह से शुरू होकर दिनभर चली।
एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी –
विजिलेंस टीम ने राजवीर सिंह के कुल 6 स्थानों पर छापेमारी की, जिनमें प्रमुख रूप से नोएडा के सेक्टर 105 में उनका निजी आवास और सेक्टर 63 में UPRNN का कार्यालय शामिल है। इसके अलावा टीम ने अन्य चार स्थानों पर भी जांच की। विजिलेंस अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं, जो राजवीर सिंह की आय से अधिक संपत्ति के मामले में निर्णायक साबित हो सकते हैं।
जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई –
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कदम उठाए जा रहे हैं, और इस छापेमारी को उसी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का हिस्सा माना जा रहा है। विजिलेंस विभाग के अधिकारियों ने कहा कि यह छापेमारी भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी अभियान में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस कार्रवाई के जरिए सरकार ने यह संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जांच जारी, कानूनी कार्रवाई की तैयारी –
विजिलेंस विभाग ने बताया कि इस छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों और साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद राजवीर सिंह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि यह मामला भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और अन्य मामलों में भी इसी तरह की कार्रवाई की जा सकती है।
इस छापेमारी को उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। विजिलेंस विभाग ने संकेत दिया है कि इस मामले में जल्द ही और भी ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।
