वाराणसी
यात्रियों की बढ़ती भीड़ से राजघाट से लेकर गोलगड्डा तक नियमित जाम की स्थिति
पार्किंग और ठहराव के नाम पर पर्यटक बसों एवं यात्रियों से मनमाना वसूली, पुलिस और अवैध गेस्ट हाउस चलाने वालों की चांदी
वाराणसी। नमो घाट के सुंदरीकरण और विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण के बाद से अचानक बाहरी यात्रियों की वाराणसी में भीड़ बढ़ती जा रही है। इसके चलते शहर में जगह-जगह नियमित जाम की स्थिति बन रही है।इन दिनों बाहर से आने वाली बसों का ठहराव कज्जाकपुरा से लेकर भैंसासुर घाट के पास तक हो रहा है। इसके चलते सड़क के दोनों तरफ जाम लग रहा है। पुलिसकर्मी बाहर से आने वाली बसों से 200 रूपये की अवैध वसूली कर रही है।

वहीं भदुऊ चुंगी से गंगानगर कॉलोनी क्षेत्र में मकानों को धर्मशाला में परिवर्तित कर दिया गया है। प्रत्येक बसों के यात्रियों को इन धर्मशालाओं में ठहराने के नाम पर 3500 से लेकर 5000 रूपये तक की प्रतिदिन वसूली की जा रही है। इन अवैध गेस्ट हाउस का सराय एक्ट में कोई लाइसेंस नहीं है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एन.के. पाण्डेय पेट्रोल पंप से लेकर भदऊ चुंगी मोड तक सड़क को खोदकर उसमें पाइप लाइन बिछाई गई है और उसे ऊपर से मलबे और गिट्टी से पाट दिया गया है। सड़क की मरम्मत भी नहीं की गई है।
जबकि जिलाधिकारी और अन्य उच्चाधिकारी कई बार यह हिदायद दे चुके हैं कि कोई भी कार्यदाई संस्था अगर सड़कों की खुदाई करती है तो उसकी तुरंत मरम्मत कराई जाए। ऐसा न करने पर कार्यदाई संस्था के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लेकिन अधिकारियों के आदेश का अनुपालन नहीं हो रहा है और कार्यदाई संस्था के लोग मनमानी कर रहे हैं। इसके चलते सड़क पर जगह-जगह मलबा और गिट्टी फैली हुई है। इससे यात्रियों को आने-जाने में असुविधा हो रही है।
यात्रियों के लिए रैन बसेरा जरूरी – बाहर से वाराणसी आने वाले यात्रियों के लिए रैन बसेरा की जरूरत है। शहर में टेंट हाउस चलाने वाले कई बड़े घराने हैं जिनसे शासन और प्रशासन से ठेके पर अस्थाई रैन बसेरा का निर्माण कराया जा सकता है। जिस तरह अयोध्या में यात्रियों के ठहरने के लिए न्यूनतम दर पर व्यवस्था की गई है।
इसी तरह वाराणसी में भी आने वाले यात्रियों के लिए रैन बसेरों में रियायती दरों पर ठहरने और सोने की व्यवस्था की जा सकती है। इससे अवैध रूप से गेस्ट हाउस चलाने वालों की गतिविधियों पर रोक लगेगी और मनमानी वसूली भी बंद हो जाएगी।
