पूर्वांचल
“महिलाओं को पुरुषों के समान अवसर मिलने पर समाज का होता है समग्र विकास” : कृष्ण मुरारी शर्मा
नौगढ़ में महिलाओं ने निकाला कैंडल मार्च, लैंगिक समानता और सशक्तिकरण की पेश की नई मिसाल
चंदौली। तहसील नौगढ़ में महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 35 गांवों की महिलाओं ने रविवार को कैंडल मार्च निकाला। ग्राम्या संस्थान और सहयोग संस्था के नेतृत्व में आयोजित इस मार्च का उद्देश्य समाज में व्याप्त लैंगिक असमानता और महिलाओं के प्रति हो रही हिंसा के खिलाफ जागरूकता फैलाना था।
कैंडल मार्च की शुरुआत नौगढ़ थाना परिसर से हुई। इसे डिप्टी एसपी कृष्ण मुरारी शर्मा और लौवारी कला पंचायत के ग्राम प्रधान यशवंत सिंह यादव ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। महिलाओं और किशोरियों ने मोमबत्तियां जलाकर बाजार का भ्रमण किया और जोरदार नारे लगाए। उनके बुलंद नारों— “चुप्पी तोड़ो, हिंसा रोको,” “हर महिला का अधिकार, हिंसा मुक्त हो घर-परिवार,” और “किशोरियों ने ठाना है, अपना अधिकार पाना है”—ने पूरे क्षेत्र में जागरूकता का संदेश फैलाया।
गोष्ठी और जागरूकता अभियान
मार्च के बाद आयोजित गोष्ठी में नौगढ़ के डिप्टी एसपी कृष्ण मुरारी शर्मा ने कहा कि, “जब महिलाओं और पुरुषों को समान अवसर मिलते हैं, तो समाज का समग्र विकास होता है। महिलाएं जब शिक्षा, रोजगार और स्वावलंबन प्राप्त करती हैं, तो यह देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाता है।”
वहीं, ग्राम्या संस्थान की निदेशक बिंदु सिंह ने कहा, “यह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि समाज में बदलाव की दिशा में बढ़ाया गया एक मजबूत कदम है।” उन्होंने महिलाओं को घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, 2005, और आपातकालीन सेवाओं के टोल-फ्री नंबर—112, 1090 और 181—की जानकारी दी। उन्होंने जागरूकता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि कानूनों का प्रभाव तब तक सीमित रहेगा जब तक समाज भागीदारी और जागरूकता को गंभीरता से नहीं लेता।
सांस्कृतिक गतिविधियों से जागरूकता
इस अभियान के तहत नुक्कड़ नाटक, पपेट शो और रैलियों जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। महिलाओं और किशोरियों ने भेदभाव और हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने के लिए एकजुटता दिखाई। बाघी, बटौवा, झूमरिया, अमदहा, मझगाई, तेंदुआ, डुमरिया, सोनवार और लौवारी सहित 35 गांवों की महिलाओं ने इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लिया।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में कोऑर्डिनेटर नीतू सिंह, प्रधान प्रतिनिधि दीपक गुप्ता, व्यापार मंडल अध्यक्ष सूरज केशरी, सुरेंद्र यादव और महिला कांस्टेबल ममता और सरिता सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
