वाराणसी
महाकुंभ 2025 : रिंग रेल से आसान होगी तीर्थयात्रा
प्रयागराज महाकुंभ की तैयारियों का जायजा लेने के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव रविवार को वाराणसी पहुंचे। उन्होंने कैंट और बनारस रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया और रेलवे की तैयारियों की जानकारी दी। रेलवे द्वारा चार रिंग रेल की व्यवस्था की गई है जिससे प्रयागराज से अयोध्या को सीधे जोड़ा जाएगा। इस पहल से महाकुंभ में आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए अयोध्या और काशी की यात्रा सरल हो जाएगी।
रेल मंत्री नई दिल्ली से बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से सड़क मार्ग के जरिए कैंट और बनारस स्टेशनों का दौरा किया। इसके बाद विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण के दौरान प्रयागराज तक रेलवे की तैयारियों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ हमारी संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है और रेलवे बीते तीन वर्षों से इसकी तैयारियों में जुटा है।
वेटिंग एरिया, होल्डिंग एरिया, रेलवे लाइनों के दोहरीकरण और स्टेशन रिडेवलपमेंट जैसे कई काम पूरे किए गए हैं।उन्होंने बताया कि महाकुंभ के दौरान स्नान के चार प्रमुख दिनों में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आएंगे।
उनकी सुविधा के लिए विस्तृत इंतजाम किए गए हैं। अयोध्या और प्रयागराज के बीच विशेष रिंग रेल की व्यवस्था की गई है। इससे तीर्थयात्री आराम से अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे।
इसके अलावा बड़े होल्डिंग एरिया बनाए जा रहे हैं ताकि अधिक से अधिक यात्री वहां रुक सकें और अपनी ट्रेन पकड़ सकें।रेल मंत्री ने बताया कि महाकुंभ के दौरान 45 दिनों में कुल 13,000 ट्रेनें चलाई जाएंगी।
उनके वाराणसी आगमन पर कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया जबकि इससे पहले रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने भी तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
