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गाजीपुर

मरदह में 24 कुण्डीय नारी उत्कर्ष गायत्री महायज्ञ का भव्य समापन

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मरदह (गाजीपुर)। 24 कुण्डीय नारी उत्कर्ष गायत्री महायज्ञ व व्यसन मुक्ति दीप महायज्ञ का चौथे दिन वृहस्पतिवार को समापन हो गया। उक्त कार्यकम शान्तिकुंज हरिद्वार की केन्द्रीय टोली द्वारा सम्पन्न कराया गया। टोली नायक राम तपस्या आचार्य ने राष्ट्र की कुंडलिनी युवा शक्ति को जागृत और जीवन्त करके आत्मनिर्माण से राष्ट्रनिर्माण में लगाने पर बल दिया। एक सुसंस्कार सम्पन्न व्यक्ति,परिवार एवं समाज की रचना का सार्थकता हेतु चर्चा किया,अंधविश्वास, मुढ़ मान्यताओं से रहित,तर्क,तथ्य,एवं प्रमाण पर आधारित यथार्थ की प्रस्तुति कर जागरूक किया।

महायज्ञ में क्षेत्र, प्रान्त,भाषा, लिंग, वर्ण, पंथ, रूप-रंग,जाति-पाति, छुआ-छूत, ऊँच-नीच, गरीब-अमीर आदि के कारण भेद-भाव की वाध्यता को सिरे से नकारा,सभी जाति पंथ के लोग समान रूप से भाग लेकर पूर्ण रूप से मानवतावाद पर आधारित मानव में देवत्व का उदय धरती पर स्वर्ग का अवतरण का भाव प्रकट किए।

ब्लाक प्रमुख सीता सिंह ने कहा कि गायत्री का मतलब प्राण होता है और प्राण को ही गायत्री कहते हैं.प्राण को ही ब्रह्मविद्या भी कहा जाता है। जीवन में गायत्री को पहले समझें फिर उसे अभ्यस्त करें इससे जीवन सफल और सुंदर होगा।कार्यक्रम में ध्वजवाहक,मशाल ज्योति,रानी लक्ष्मीबाई,गायत्री माता,धरती माता,राधा-कृष्ण,सावित्रीबाई फुले, सरस्वती माता,भारत माता,दुर्गा माता,लक्ष्मी माता, भगत सिंह,चन्द्रशेखर आज़ाद के रूप वृहद झांकी बालिकाओं ने मनमोहन प्रस्तुत किया।

यज्ञ में दीप महायज्ञ,सामूहिक जप, ध्यान,प्रज्ञा,योग में भारतीय वेश-भूषा (धोती-कुर्ता) में दिखाई दिए, घर से पाँच दीपक लेकर पहुंचे, विविध संस्कार 1100 लोगों ने आहुति,5 नामकरण, 2 अन्नप्राशन,51 विद्यारंभ, 301 लोगों ने यज्ञोपवीत (दीक्षा) आदि संस्कार निःशुल्क प्राप्त किया। 5001 मिट्टी के दीयों से दीपोत्सव किया गया।

इस मौके पर सुरेन्द्रनाथ सिंह,बालमती सिंह,लौहर यादव, सिन्धु जायसवाल,थानाध्यक्ष तारावती यादव,श्रीनाथ यादव,डॉ जवाहर यादव,प्रवीण पटवा,अनील, अभय सीबू,घनश्याम,गुलाब, शिवलायक,जितेन्द्र,राजू सिंह, शशीप्रकाश,राहुल सिंह,सत्यम सिंह,मंगला सिंह,लल्लन सिंह, मनोज सिंह,आदि मौजूद रहे।

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