गाजीपुर
मरती हुई आमी की पुकार: क्या जागेगा हमारा जमीर?
गोरखपुर-खजनी मार्ग स्थित आमी नदी आज अपनी ही पीड़ा में सिसकती नजर आई। कभी जीवनदायिनी रही यह धारा अब दुर्गंध और गंदगी में दम तोड़ रही है। जीवनधारा नमामि गंगे के पदाधिकारियों ने पहलवान मंदिर के पास न केवल साफ-सफाई की, बल्कि लोगों के अंतर्मन को झकझोरने का प्रयास भी किया।
यह सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि हमारी संवेदनाओं की परीक्षा है। जब तक समाज स्वयं आगे नहीं आएगा, तब तक नदियां यूं ही कराहती रहेंगी। गंगा मैया की पूजा-अर्चना और आरती के साथ जल संरक्षण की शपथ ने माहौल को भावुक बना दिया।

प्रदेश अध्यक्ष संध्या त्रिपाठी, उपाध्यक्ष अशोक कुमार मिश्र, सचिव श्रीमती सुनीता मिश्रा, जिलाध्यक्ष पूनम गुप्ता, अरविंद त्रिपाठी, अश्विनी मिश्र, राजकुमार आर्य ने आमी के पुनर्जीवन की जरूरत पर जोर दिया।
इस दौरान दीपक निगम, मुन्ना, अनिता मिश्रा, संगीता देवी, कंचन प्रजापति, मंजू देवी, घनश्याम यादव, योगेन्द्र पांडेय, दीपक, शेषमणि मौर्य, अभिषेक गुप्ता सहित अनेक लोगों की उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि यदि भावना सच्ची हो, तो बदलाव संभव है।
