शिक्षा
बीएचयू में छात्रों का हंगामा, वार्डन पर कार्रवाई की मांग
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के भगवान दास छात्रावास में हुए विवाद को लेकर छात्रों का आक्रोश मंगलवार को खुलकर सामने आ गया। देर रात शुरू हुए घटनाक्रम के बाद बड़ी संख्या में छात्र कुलपति आवास पहुंच गए और वहां विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए परिसर में भारी पुलिस बल और प्राक्टोरियल बोर्ड की टीम तैनात कर दी गई है, जबकि अधिकारी छात्रों को समझाने में जुटे हैं।
जानकारी के अनुसार, छात्रावास में रहने वाले शनि और विकास के बीच कुछ दिन पूर्व हाथापाई हुई थी। इस घटना के बाद वार्डन ने कार्रवाई करते हुए शनि को निष्कासित कर दिया था। सोमवार की रात निष्कासित छात्र शनि भोजन करने के लिए हॉस्टल पहुंचा, इसी दौरान वार्डन ने विकास के कमरे नंबर 90 को बंद करवा दिया। कमरे के बाहर घंटों खड़े रहने को मजबूर विकास की स्थिति ने अन्य छात्रों में नाराजगी पैदा कर दी। छात्रों का आरोप है कि जब विकास की कोई गलती नहीं थी, तो उसके कमरे पर कार्रवाई करना अनुचित है।
मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब छात्रों ने प्राक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षा कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए। छात्रों का कहना है कि सुरक्षा कर्मी मुंह बांधकर छात्रावास में घुसे और छात्रों के साथ मारपीट की नीयत से पहुंचे थे। इस आरोप के बाद छात्रों का गुस्सा भड़क उठा और वे एकजुट होकर कुलपति आवास की ओर कूच कर गए।
कुलपति आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने वार्डन के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है। छात्रों का कहना है कि यह मामला केवल एक छात्रावास तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्वविद्यालय में सुरक्षा और अनुशासन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और स्थिति को शांत कराने के प्रयास जारी हैं।
छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने व्यवस्था बनाए रखने और छात्रों का भरोसा कायम रखने की चुनौती खड़ी कर दी है।
