वाराणसी
बिल्डर्स ने सीखा कम जगह में घना जंगल उगाने की तकनीक
क्रेडाई वाराणसी ने ‘मियावाकी वन विधि’ पर सेमिनार का किया आयोजन
वाराणसी। जनपद में मंगलवार को क्रेडाई वाराणसी (वाराणसी बिल्डर्स एंड डेवलपर्स एसोसिएशन) द्वारा दी बनारस क्लब लिमिटेड में “मियावाकी वन विधि” विषय पर एक व्यापक सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पुलकित गर्ग और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. रवि कुमार सिंह उपस्थित थे। इस अवसर पर हिन्दवेयर के कंट्री वाइस प्रेसीडेंट वृद्धेश जैन ने भी अपनी टीम के साथ सहभागिता की।

सेमिनार का उद्घाटन क्रेडाई वाराणसी के अध्यक्ष अभिनव पाण्डेय और चेयरमैन रमन सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए किया। महासचिव लोकेश गुप्ता ने सेमिनार का परिचय देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य बहुमंजिला इमारतों और सार्वजनिक स्थलों पर मियावाकी पद्धति से अधिक से अधिक हरियाली बढ़ाना है।

मियावाकी पद्धति की विशेषताएं
डॉ. रवि कुमार सिंह ने मियावाकी वन विधि की तकनीक पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस विधि में कम स्थान में देशी पौधों को इस तरह लगाया जाता है कि वे दस गुना तेजी से बढ़ते हैं।
इस विधि में स्थान के मूल निवासी पौधों का चयन किया जाता है। अलग-अलग प्रजातियों के पौधों को साथ लगाकर जैव विविधता बढ़ाई जाती है। पौधे आत्मनिर्भर होते हैं और नियमित देखभाल की आवश्यकता नहीं होती। डॉ. रवि ने इसे वाराणसी के हरित क्षेत्र को बढ़ाने का कारगर उपाय बताया।

हरियाली बढ़ाने की अपील
मुख्य अतिथि पुलकित गर्ग ने कहा कि हरियाली घटने से पर्यावरण में असामान्य बदलाव हो रहे हैं। उन्होंने बिल्डर्स, आर्किटेक्ट्स और उद्यमियों से इस विधि को अपनाने की अपील की। उन्होंने क्रेडाई वाराणसी को इस आयोजन के लिए धन्यवाद दिया।
हिन्दवेयर का योगदान

सेमिनार के प्रायोजक हिन्दवेयर के कंट्री वाइस प्रेसीडेंट वृद्धेश जैन ने अपनी टीम के साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर में उपयोगी उत्पादों की जानकारी दी।
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में बीजेपी के प्रदेश कोषाध्यक्ष मनीष कपूर, उद्यमी दीपक बजाज, दीपांकन चौधरी, राजेश भाटिया, और अन्य गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया।

सेमिनार का संचालन क्रेडाई युथ विंग के अध्यक्ष नमन बहल ने किया, और धन्यवाद ज्ञापन प्रेसीडेंट इलेक्ट अरुण अग्रवाल ने दिया। क्रेडाई वाराणसी के संरक्षक दीपक बहल, राजन खन्ना और अन्य पदाधिकारी समेत अनेक आर्किटेक्ट, इंजीनियर और उद्यमी इस अवसर पर उपस्थित थे।
