वाराणसी
पूर्व बीडीओ खाद्यान्न घोटाले में गिरफ्तार
ईओडब्ल्यू ने लंका से दबोचा
वाराणसी। आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू), वाराणसी ने बलिया के बहुचर्चित खाद्यान्न घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) रामकृत राम को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी वाराणसी के रविदास गेट के पास से लंका पुलिस के सहयोग से की गई। रामकृत राम पर 2002-03 के दौरान ब्लॉक पंदह में संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के तहत सरकारी धन के गबन और अनियमितताओं के गंभीर आरोप हैं।
रामकृत राम मूल रूप से ग्राम मुजफ्फरपुर (चकिया, चंदौली) के निवासी हैं और सेवानिवृत्ति के बाद भगवानपुर (लंका) में अपने रिश्तेदार के घर रह रहे थे। उन्होंने 2017 में फिरोजाबाद से जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) के पद से सेवानिवृत्ति ली थी।
संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के तहत ब्लॉक पंदह में नाली निर्माण, खड़ंजा, पटरी मरम्मत, संपर्क मार्ग, सीसी और पुलिया निर्माण जैसे कार्यों के लिए धन आवंटित किया गया था। जांच में सामने आया कि ये कार्य न तो मानक के अनुरूप थे और न ही पूर्ण किए गए। आरोप है कि रामकृत राम ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और मजदूरों को खाद्यान्न का वितरण किए बिना सरकारी धन का गबन किया।
इस मामले में आरोपी के खिलाफ थाना सिकंदरपुर, बलिया में धारा 409, 419, 420, 467, 468, 471, 218, 201, 34, 120 बी आईपीसी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) के तहत मामला दर्ज है। आरोपी रामकृत राम कई वर्षों से फरार चल रहे थे। ईओडब्ल्यू लखनऊ मुख्यालय के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक सुनील कुमार और महेश पांडे के निर्देशन में निरीक्षक सुनील वर्मा के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी।
गिरफ्तार किए गए आरोपी को विशेष न्यायालय, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, वाराणसी में पेश किया जाएगा।
