वाराणसी
पूर्व बीएसए सहित पांच पर मुकदमा दर्ज, फर्जी बिलों से सरकारी खजाने को नुकसान
वाराणसी। जिले में पूर्व बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) जय सिंह सहित पांच लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार सहित अन्य गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है। उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) वाराणसी सेक्टर थाने में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, खुली जांच में पाया गया कि तत्कालीन बीएसए ने एक सरकारी जीप को कंडम घोषित कराए बिना 230 दिनों तक लगातार उपयोग में लिया। इस अवधि में 1000 रुपये प्रतिदिन की दर से 2.29 लाख रुपये के बजाय 2.30 लाख रुपये का भुगतान लिया गया, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा।
जांच में यह भी सामने आया कि ट्रैक्टर के नंबर को बोलेरो वाहन का बताते हुए 1.28 लाख रुपये का फर्जी भुगतान कराया गया। इस मामले में पूर्व बीएसए जय सिंह, बीएसए कार्यालय के सहायक वित्त एवं सर्व शिक्षा अभियान के लेखाधिकारी पवन कुमार वर्मा, अखिलेश सिंह, वाहन मालिक राजेंद्र द्विवेदी और मो. इकबाल की मिलीभगत सामने आई है। इन सभी ने मिलकर वाहन मालिक राजेंद्र कुमार द्विवेदी को अनुचित तरीके से लाभ पहुंचाया।
सतर्कता अधिष्ठान के इंस्पेक्टर अखिलेश राय के अनुसार, भ्रष्टाचार की जांच पहले से चल रही थी। पाया गया कि सितंबर 2019 से जनवरी 2020 तक बिना किसी टेंडर या अनुबंध के ट्रैक्टर को बोलेरो बताकर सरकारी कार्यों के लिए दिखाया गया। 128 दिनों तक 1000 रुपये प्रतिदिन की दर से 1.28 लाख रुपये का फर्जी बिल लगाकर भुगतान करा दिया गया, जिसकी धनराशि मो. इकबाल खान के खाते में भेजी गई। मामले की जांच जारी है।
