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वाराणसी

पुलिस ने खोल दी तस्करों की पूरी कुंडली, साथी सलाखों के पीछे; लेकिन मास्टरमाइंड अब भी फरार

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वाराणसी। कफ सीरप तस्करी के बड़े मामले में पुलिस ने विस्तृत जांच पूरी करते हुए 39 हजार पृष्ठों का आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया है। वर्ष 2025 में 15 नवंबर को कोतवाली थाने में दर्ज इस प्रकरण में करीब 142 दिनों की पड़ताल के बाद यह कार्रवाई की गई। औषधि निरीक्षक जुनाब अली की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में सरगना शुभम जायसवाल, उसके पिता भोला प्रसाद समेत 26 लोगों को नामजद किया गया था, जबकि जांच के दौरान अन्य कई आरोपितों के नाम भी सामने आए।

पुलिस ने इस अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति पर भी कार्रवाई करते हुए 30 आरोपितों की लगभग 45 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है। एसीपी विजय प्रताप के अनुसार, तस्करी में शामिल सभी आरोपितों के खिलाफ न्यायालय में मजबूती से पैरवी की जाएगी। उन्होंने बताया कि आरोपपत्र में प्रत्येक आरोपी की गतिविधियों का विस्तृत और तथ्य आधारित विवरण शामिल किया गया है।

इस मामले से संबंधित रामनगर थाने में दर्ज प्रकरण में भी पुलिस क्रमशः आरोपितों पर शिकंजा कस रही है। वहीं, करीब दो हजार करोड़ रुपये के कफ सीरप तस्करी प्रकरण में मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल को अपर सत्र न्यायाधीश/द्रुतगामी (14वां वित्त आयोग) मनोज कुमार की अदालत ने दूसरी बार भगोड़ा घोषित कर दिया है। यह आदेश रोहनिया पुलिस की अर्जी पर पारित किया गया। न्यायालय ने संकेत दिया है कि यदि शुभम शीघ्र गिरफ्तार नहीं होता है तो उसकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस कमिश्नरेट प्रशासन ने दुबई में छिपे इस सरगना की गिरफ्तारी के लिए पहले ही रेड कार्नर नोटिस जारी कर रखा है और उसके प्रत्यर्पण के प्रयास जारी हैं। रोहनिया क्षेत्र में दर्ज मामले में गाजियाबाद के एक तस्कर के खिलाफ कार्रवाई शेष बताई गई है।

उल्लेखनीय है कि 19 नवंबर 2025 को रोहनिया पुलिस ने भदवर स्थित एक जिम में बनाए गए गोदाम से 500 पेटी से अधिक कफ सीरप बरामद करते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। जांच में आजाद जायसवाल, महेश सिंह, भोला प्रसाद, शिवाकांत उर्फ शिवा, स्वप्निल केसरी, दिनेश यादव, मनीष यादव और शुभम यादव के नाम सामने आए, जिनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है।

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जानकारी के मुताबिक, पुलिस अब तक मुख्य आरोपी शुभम को छोड़कर अन्य सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। रोहनिया थाना प्रभारी के अनुसार, शुभम के विरुद्ध लगातार विधिक कार्रवाई की जा रही है, जिसमें गैर जमानती वारंट, कुर्की की उद्घोषणा सहित अन्य प्रक्रियाएं शामिल हैं। सोमवार को न्यायालय में उसे भगोड़ा घोषित करने की अर्जी दी गई, जिसे स्वीकार कर लिया गया। इसके बाद पुलिस ने न्यायालय के आदेशानुसार उद्घोषणा पत्र उसके निवास और अन्य प्रमुख स्थानों पर चस्पा कर दिया है।

अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुनील कुमार सिंह और अरविंद श्रीवास्तव ने मामले में प्रभावी पैरवी की है।

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