वाराणसी
पति का आरोप, खिलाड़ी का इनकार और महिला कोच की चुप्पी, कोर्ट पहुंचा मामला
वीडियो, ब्लैकमेलिंग और 10 लाख की मांग, तीन किरदारों की कहानी बनी कोर्ट केस
वाराणसी के सिगरा क्षेत्र के परेड कोठी निवासी इंटरनेशनल वुशु खिलाड़ी सूरज यादव पर जबलपुर में गंभीर आरोपों के साथ मामला दर्ज किया गया है। महिला कोच के पति ने आरोप लगाया है कि सूरज यादव ने करीब डेढ़ वर्ष पहले उनकी पत्नी का एक होटल में आपत्तिजनक वीडियो बनाया और उसे भेजकर दस लाख रुपये की मांग की। इस प्रकरण में सूरज यादव को 29 जनवरी को जबलपुर की अदालत में पेश होना है।
महिला कोच के पति का कहना है कि सूरज यादव एक लक्ष्मण अवार्डी खिलाड़ी हैं और उनसे इस तरह के आचरण की उम्मीद नहीं की जा सकती। उनका आरोप है कि वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया गया और रुपये न देने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई।
इस पूरे मामले पर सूरज यादव ने कहा कि जिस वीडियो के आधार पर उनके खिलाफ शिकायत की गई है, वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से तैयार किया गया है और इसकी जांच रिपोर्ट उनके पास मौजूद है, जिसे वह अदालत में पेश करेंगे। सूरज का कहना है कि उन्होंने महिला कोच के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लिया है, जबकि कोच और उनके पति के बीच लंबे समय से तलाक का मामला चल रहा है। उनके अनुसार, कोच के पति अपने पारिवारिक विवाद में उन्हें मोहरा बनाकर इस्तेमाल करना चाहते हैं। सूरज यादव ने बताया कि वह स्पोर्ट्स कोटे से उत्तर प्रदेश पुलिस में कॉन्स्टेबल हैं और वर्तमान में वाराणसी में रहते हैं। जबलपुर कोर्ट की ओर से उन्हें तलब किया गया है।
अपने बयान में सूरज ने कहा कि महिला कोच भारत की जूनियर टीम की चीफ कोच हैं और उन्होंने वर्ष 2016 और 2017 में उनके अधीन प्रशिक्षण लिया था, इसके बाद भी लगातार उन्हीं के मार्गदर्शन में अभ्यास करते रहे। उनके अनुसार, कोच के पति पहले भी भारतीय वुशु संघ में पद संभाल चुके हैं और बाद में की गई शिकायतों के चलते कोच को साइडलाइन कर दिया गया।
सूरज यादव के मुताबिक, कोच और उनके पति के बीच पारिवारिक विवाद लंबे समय से चला आ रहा है। 7 सितंबर 2024 को पहली बार कोच के पति ने भारतीय वुशु संघ में लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया कि सूरज और उनकी पत्नी के बीच अवैध संबंध हैं और इसका वीडियो वायरल हो चुका है। इसके बाद सूरज ने इस आरोप को लेकर मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी।
वीडियो के स्रोत को लेकर सूरज ने बताया कि कोच के पति ने पुलिस में शिकायत करते हुए दावा किया कि एक अज्ञात व्यक्ति बाइक से आकर पेन ड्राइव देकर गया और तलाक व दस लाख रुपये की मांग की। सूरज का कहना है कि यह पूरा घटनाक्रम मनगढ़ंत है और इसका उद्देश्य केवल तलाक के बाद भरण-पोषण से बचना है।
सूरज ने यह भी कहा कि थाने में दर्ज शिकायत के दौरान महिला कोच ने स्वयं बयान दिया था कि उनका सूरज से कोई अफेयर नहीं है और विवाद केवल पति के साथ है, जिसके बाद मामला शांत हो गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि आरोप सही होते तो वे स्वयं किसी को इस तरह का वीडियो क्यों भेजते।
वीडियो को लेकर सूरज यादव का स्पष्ट कहना है कि यह एआई तकनीक से बनाया गया है और इसकी फॉरेंसिक जांच कराई जा चुकी है। रिपोर्ट को अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें जानकारी है कि वर्ष 2006 में कोच के पति के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज हुआ था, हालांकि उसका परिणाम क्या रहा, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
दूसरी ओर, जबलपुर कोर्ट में दाखिल परिवाद में महिला कोच के पति ने दावा किया है कि उनकी पत्नी वुशु सिखाती हैं और सूरज यादव से प्रशिक्षण के दौरान उनके बीच संबंध बने। उन्होंने आरोप लगाया कि होटल के कमरे में आपत्तिजनक वीडियो बनाए गए और पेन ड्राइव के माध्यम से उन्हें भेजे गए। पति का कहना है कि ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर उनका बेटा, जो स्वयं इंटरनेशनल स्तर का खिलाड़ी था, खेल छोड़ने को मजबूर हो गया।
इस मामले में सूरज यादव की ओर से अप्रैल 2025 में वाराणसी के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार-2 की अदालत में जवाब भी दाखिल किया जा चुका है। फिलहाल पूरा प्रकरण न्यायिक प्रक्रिया में है और अब इसकी अगली सुनवाई जबलपुर कोर्ट में होनी है।
