वाराणसी
नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में एक बरी व एक को सजा
वाराणसी। स्कूल जा रही 13 वर्षीय छात्रा को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने व उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में एक आरोपित को अदालत ने बरी कर दिया, वहीं एक अभियुक्त को अदालत ने दंडित किया है। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट प्रथम) त्रिभुवन नाथ की अदालत ने मुकदमे के विचारण के दौरान दोषी पाने पर चेतगंज निवासी अभियुक्त पवन पाण्डेय को दोषी पाने पर दस वर्ष के कठोर कारावास व 28 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने अर्थदंड की धनराशि में से 20 हजार रुपए पीड़िता को बतौर क्षतिपूर्ति देने का आदेश भी दिया है। वहीं इस मामले में एक अन्य आरोपित प्रह्लाद पाण्डेय को आरोप सिद्ध न होने पर अदालत ने उसे संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक आदित्य नारायण सिंह व प्रह्लाद पाण्डेय की ओर से अधिवक्ता अनुज यादव, अभिषेक श्रीवास्तव ‘पंकज’ व अजय पाल ने पक्ष रखा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार चेतगंज थाना क्षेत्र निवासी वादी मुकदमा ने 17 दिसंबर 2013 को चेतगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसकी 13 वर्षीय लड़की आर्य महिला इंटर कालेज में कक्षा 8 में पढ़ती है। रोज की तरह वह 12 दिसंबर 2013 को भी घर से स्कूल पढ़ने के लिए गयी थी। इसी दौरान अभियुक्त पवन पाण्डेय, प्रह्लाद पाण्डेय, गौरी देवी व प्रीति पाण्डेय उसकी लड़की को बहला-फुसलाकर कहीं भगा ले गए। उसे विश्वास है कि पवन पाण्डेय उसकी लड़की से जबरदस्ती शादी करना चाहता हैं। उसने अपनी पुत्री की काफी तलाश किया, लेकिन उसका कहीं पता नही चला। इस मामले में पुलिस ने विवेचना के दौरान अभियुक्त को गिरफ्तार कर पीड़िता को इसके कब्जे से बरामद किया था। मेडिकल परीक्षण में पीड़िता से दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। अदालत ने मुकदमे के विचारण के बाद गवाहों के बयान व साक्ष्यों के अवलोकन के बाद अभियुक्त को दोषी पाने पर सजा सुना दी।
