गोरखपुर
धारदार हथियारों से पिता-पुत्र पर जानलेवा हमला, कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
गोरखपुर। जनपद के खजनी थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम उस समय सनसनी फैल गई, जब पुराने जमीनी विवाद को लेकर दबंगों ने पिता-पुत्र पर दिनदहाड़े जानलेवा हमला कर दिया। इस घटना ने न सिर्फ इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया, बल्कि पुलिस व्यवस्था और ग्रामीण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, खजनी थाना क्षेत्र के ग्राम सभा रतसही के अटैच गांव लमती निवासी 22 वर्षीय रजत त्रिपाठी पुत्र कुसमाकर त्रिपाठी पर गांव के ही कुछ लोगों ने अचानक हमला बोल दिया। आरोप है कि अरविंद तिवारी, जयनारायण तिवारी, हरिओम तिवारी और बजरंगी तिवारी नामक आरोपी एकजुट होकर पिस्टल, लाठी-डंडा और भुजाली जैसे धारदार हथियारों से लैस होकर पहुंचे और रजत पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों व घायल के मुताबिक, हमलावरों ने रजत की गर्दन पर भुजाली से वार किया। रजत ने किसी तरह खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान उसके हाथ पर गहरा वार हुआ, जिससे हाथ की नसें कट गईं और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बेटे की चीख-पुकार सुनकर जब पिता कुसमाकर त्रिपाठी बीच-बचाव के लिए आगे आए, तो हमलावरों ने उन्हें भी नहीं बख्शा और उन पर हमला कर दिया। इस हमले में उनकी आंखों में गंभीर चोट आई है।
घटना के बाद घायल पिता-पुत्र ने पुलिस को सूचना दी, लेकिन आरोप है कि समय पर पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। मजबूरी में दोनों घायल अवस्था में खुद ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खजनी पहुंचे। हालांकि, वहां आपातकालीन चिकित्सा सुविधा पर्याप्त न होने के कारण उन्हें सीएचसी हरनही महुरांव अस्पताल के लिए जाना पड़ा ।
इस घटना से नाराज परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुलिस प्रशासन पहले से विवाद को गंभीरता से लेकर कार्रवाई करता, तो इतनी बड़ी वारदात टाली जा सकती थी। घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।
पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, क्षेत्राधिकारी खजनी दीपांशी राठौर ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला जमीनी विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। यह घटना एक बार फिर से ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था जमीनी हकीकत को उजागर करती है।
