वाराणसी
दी स्माल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन द्वारा बजट 2023 पर एक कार्यशाला का हुआ आयोजन
रिपोर्ट – प्रदीप कुमार
वाराणसी।दी स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन द्वारा बजट २०२३ उपरांत कार्यशाला का आयोजन मडुआडीह स्थित एक होटल में किया गया जिस के मुख्य अतिथि आईआईए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आर के चौधरी एवं मुख्य वक्ता प्रख्यात सीए जी डी दुबे थे। संचालन करते हुए महामंत्री नीरज पारिख ने जीएसटी में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी अभी तक ट्रिब्यूनल का स्थापित न किया जाना कष्टप्रद है।
विषय स्थापना एवं अतिथियों का स्वागत करते हुए अध्यक्ष राजेश भाटिया ने बताया बजट के उपरांत उसकी अच्छाइयां, खूबियां , नए नियम , छिपा हुआ क्लॉज और किस तरीके से हम लोग अपने उद्यम वैधानिक रूप से बढ़ाएं इसके विषय में सारगर्भित जानकारी देने हेतु यह कार्यशाला आयोजित की गई है और उन्होंने उद्यमियों से आवाहन किया जो भी बदलाव जीएसटी और इनकम टैक्स में आए हैं उन को ध्यान में रखते हुए अगले साल के अपने वित्त योजना की आधारशिला रखे।मुख्य अतिथि आरके चौधरी ने बजट को विकासोन्मुख बताते हुए कहा की जिस प्रकार प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का ग्रोथ इंजन है उसी प्रकार एमएसएमई उत्तरप्रदेश का ग्रोथ इंजन है साथ में उन्होंने कहा की कई वर्षों की मांग जिसमें पार्टनरशिप को कंपनी के हिसाब से टैक्स की कमी में नहीं लाया गया उससे थोड़ी सी निराशा है। मुख्य वक्ता जी डी दुबे जी ने बताया की ट्रिब्यूनल न होने की वजह से उद्यमियों को बार-बार हाई कोर्ट जाना पड़ेगा उन्होंने छोटे-छोटे जो बदलाव हुए हैं उसके बारे में बताया की अब कंपोजिशन स्कीम लेने वाले व्यापारी भी ई-कॉमर्स द्वारा व्यापार कर सकते हैं । प्रॉसिक्यूशन की धाराएं भी अब कम दी गई है जिससे व्यापारियों का उत्पीड़न जेल जाने के नाम पर नहीं किया जा सकेगा।एमएसएमई एक्ट के बारे में बताते हुए कहा कि आप सभी से निवेदन है कि अपने बिल पर एमएसएमई का नम्बर लिखे जिससे कि सामने वाले को पेमेंट 45 दिन करने की बाध्यता होगी यदि वह नहीं करता है तो उसके पेमेंट को जब वह बाद में करेगा तो उसको अमान्य कर दिया जाएगा साथ ही बताया की अब यदि जीवन बीमा की रकम ५ लाख से ऊपर है तो उसपर होने वाली आय करमुक्त न होकर कैपिटल गेन का नियम लगेगा। यदि २.५ लाख का प्रीमियम यूनिट लिंक्ड प्लान का लिया गया है तो वो भी करमुक्त न होकर कैपिटल गेन के नियम के अंतर्गत कर योग्य होगी। यदि अगले वित्त वर्ष में आपको पुरानी कर व्यवस्था लेनी है तो आपको ऑप्ट करना होगा वरना आपको नई कर व्यवस्था के अंतर्गत टैक्स देय होगा। विभिन्न प्रकार के प्रश्नोत्तर से उद्यमियों की जिज्ञासाओं का उत्तर दिया। धन्यवाद प्रकाश अनुपम देवा जी ने किया । उक्त अवसर पर आलोक भंसाली, अजय जायसवाल, राहुल मेहता, उमाशंकर श्रीवास्तव, एलएन झा, संजय चौरसिया, दिनेश जैन, संजय सिंह, नमित पारिख, मनीष कटारिया , विशाल जायसवाल , बृजेश केशरी सहित उद्यमी मौजूद थे।
