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गोरखपुर

डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी करने वाला गिरफ्तार

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व्हाट्सएप कॉल कर खुद को अधिकारी बताकर बैंक खातों से उड़ाए थे पैसे

गोरखपुर। साइबर अपराध के मामलों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत गोरखपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर अपराध थाना पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कोस्तुभ के निर्देशन में साइबर अपराधों की रोकथाम और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन, पुलिस अधीक्षक अपराध के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी अपराध के पर्यवेक्षण में साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार, इस मामले में वादिनी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात व्यक्तियों ने व्हाट्सएप कॉल कर स्वयं को सरकारी अधिकारी बताते हुए उसे “डिजिटल अरेस्ट” का भय दिखाया। आरोपियों ने उसे डराकर उसके बैंक खातों से आरटीजीएस (RTGS) के माध्यम से रकम ट्रांसफर करा ली। पीड़िता की तहरीर के आधार पर साइबर अपराध थाना गोरखपुर में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।

मामले की जांच के दौरान साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान विकास विश्वकर्मा पुत्र राधेश्याम विश्वकर्मा निवासी गणेशपुरी कॉलोनी नासिरपुर, थाना चितईपुर जनपद वाराणसी के रूप में हुई है।

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पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111(2), 318(4) तथा आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की भी तलाश कर रही है।

इस घटना के बाद पुलिस ने आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधी अक्सर खुद को पुलिस, बैंक अधिकारी या अन्य सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को डराने या लालच देने की कोशिश करते हैं। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत जानकारी, ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंक से जुड़ी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।

पुलिस ने यह भी कहा है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या मैसेज से सतर्क रहें और ठगी की आशंका होने पर तुरंत कॉल या चैट बंद कर दें। यदि कोई साइबर ठगी का शिकार होता है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकता है।

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