वाराणसी
टॉप-10 रैंकिंग में वाराणसी का एक भी सरकारी अस्पताल नहीं
स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में सहारनपुर के जिला अस्पताल को मिला पहला स्थान
वाराणसी। जिले के सरकारी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी एक बार फिर से उजागर हो गई है। ताजा टॉप-10 रैंकिंग में जिले का कोई भी सरकारी अस्पताल स्थान नहीं बना पाया है। पिछले साल 2022-23 में दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल ने पहला स्थान पाया था, लेकिन इस बार वह भी फिसलकर 32वें नंबर पर पहुंच गया है।
कायाकल्प अवार्ड के तहत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मिल रही सुविधाओं के आधार पर मूल्यांकन किया जाता है। इस वर्ष सहारनपुर जिला अस्पताल को पहला स्थान मिला है, जिसके लिए उसे 50 लाख रुपये का पुरस्कार मिला। लखनऊ के संयुक्त चिकित्सालय को दूसरे स्थान पर 20 लाख रुपये तथा रायबरेली के जिला महिला अस्पताल को तीसरे स्थान पर 10 लाख रुपये का इनाम दिया गया।
हालांकि, वाराणसी के प्रमुख सरकारी अस्पताल इस सूची में पिछड़ गए हैं। शिवप्रसाद गुप्त मंडलीय अस्पताल को 88.95% अंक के साथ 25वां स्थान मिला, दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल 87.72% के साथ 32वें स्थान पर, लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल रामनगर 84.97% अंक के साथ 44वें स्थान पर और जिला महिला अस्पताल कबीरचौरा 70.80% अंक के साथ 108वें स्थान पर रहा।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. संदीप चौधरी ने कहा कि जहां सुधार की आवश्यकता है, वहां विशेष ध्यान दिया जाएगा और सुविधाओं में सुधार कर अस्पतालों की रैंकिंग में भी वृद्धि करने का प्रयास होगा।
