वाराणसी
जीएसटी देने वाले व्यापारियों को टैक्स कलेक्शन के लिए उन्हें जीएसटी में 5 % की छूट दी जाए
रिपोर्ट – प्रदीप कुमार
वाराणसी: फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल की एक बैठक महमूरगंज स्थित राजेंद्र गोयनका के ऑफिस पर हुई ,बैठक में फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल के राष्ट्रीय चेयरमैन सी एच कृष्णा वाराणसी के तीन दिवसीय दौरे पर आए हुए थे , आज फेडरेशन के पदाधिकारिओं ने पुष्पगुच्छ एवं माल्यार्पण करके उनका स्वागत व अभिनंदन किया |
राष्ट्रीय चेयरमैन सी एच कृष्णा ने बताया कि जीएसटी से पूरे भारत में व्यापारी आए दिन संशोधन से परेशान हो चुके हैं जिससे पूरे देश में व्यापारियों का मनोबल गिर रहा है आए दिन कुछ ना कुछ जीएसटी की वजह से व्यापारियों को परेशानियां उठानी पड़ रही है , सभी व्यापारिक समस्याओ को संज्ञान में लेते हुए जी एस टी व इनकम टैक्स से सम्बंधित सभी समस्याओ को एवं जीएसटी देने वाले व्यापारियों को टैक्स कलेक्शन के लिए उन्हें जीएसटी में टैक्स कलेक्टर के रूप में 5 % अतिरिक्त छूट जाने के लिए देश के वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एवं उद्योग व व्यापार मंत्री पीयूष गोयल जी से मिलकर उसके समाधान कराने का भरोसा दिलाया |
राष्ट्रीय सचिव राजेंद्र गोयनका व प्रेम मिश्रा ने बताया कि इनपुट टैक्स क्रेडिट के सम्बन्ध में व्यापारियों के समक्ष आ रही चुनौतियों के विषय में संज्ञान में लेना चाहिए कि यदि किसी क्रेता व्यापारी के पास जीएसटी पेड का बिल है और उक्त बिल का भुगतान किया जा चुका है, उस पर इनपुट क्रेडिट मिलना चाहिए, और यदि विक्रेता द्वारा सरकार को GST का भुगतान नहीं किया गया तो उस स्थित में विक्रेता को दण्डित करना चाहिए । इस संबध में कुछ उच्च न्यायालयों द्वारा भी महत्ववूर्ण निर्णय दिए गए हैं, जिनके आधार पर यह प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए ।
राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य अशोक जायसवाल व प्रदेश के मीडिया प्रभारी सोमनाथ विश्वकर्मा के अनुसार राष्ट्र का 7 करोड़ परम्परागत खुदरा व्यापारी आपके माध्यम से भारत सरकार से अनुरोध करता है कि जीएसटी की विसंगतियों मे संशोधन व विदेशी स्वामित्व वाले इ कॉमर्स कारोबार मे अंकुश लगाई जाए और राष्ट्र के अर्थव्यवस्था की सुदृढ़ता एवं युवाओ के रोज़गार सुनिश्चित करने हेतु स्थानीय छोटे एवं मध्यम वर्ग के व्यापारियों को प्राथमिकता एवं आवश्यक सुविधा प्रदान की जाए ।
अनुज डीडवानिया व यू आर सिंह ने कहा GSTN पोर्टल की क्षमता बढाने की आवश्यकता है जितना संभव हो सके जीएसटी अनुपालन को सरल किया जाय ताकि व्यापारी इससे डर कर न भागे बल्कि इसे अपनाए । प्रत्येक गलती पर ब्याज और आर्थिक दंड की मात्रा बहुत ज्यादा है । कठिन अनुपालन करने के दौरान कभी कभी अज्ञानतावश कुछ त्रुटि संभव है । कम कर जमा करने पर अर्थ दंड के स्थान पर सिर्फ ब्याज का प्रावधान होना चाहिए । यदि कर चोरी जानबूझ कर की गयी है तो अर्थ दंड उचित है ।
गोकुल शर्मा ने बताया कि छोटे व मध्यम वर्ग के व्यपरियो के गोदामों में कंप्यूटर तथा दक्ष कंप्यूटर ऑपरेटर होना संभव नहीं है जिससे वे गोदामों से माल अपने दुकानों पर मंगवाते समय eway बिल नही जेनरेट कर सकते ,अतः केवल चालान पर 200000/ तक के माल का आवागमन की अनुमति देनी चाहिए।
Eway बिल की समय सीमा के उल्लंघन का अनुपालन व्यापारी पर न थोपा जाए बल्कि इसके लिए ट्रांसपोर्टर की जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए गाड़ी वगैरह ख़राब होने की दशा मेआसानी से Eway बिल की समय सीमा बढ़ाई जाने का प्रावधान होना चाहिए।
मनीष गुप्ता ने कहा कि जी एस टी में HSN code बहुत बड़ी समस्या है और अच्छे पढ़े-लिखे व्यापारी भी इसे समझने में असमर्थ हैं। इसके कारण व्यापार करने में बहुत सारी परेशानियां खड़ी हो गयी है। सरकार को एक प्रोडक्ट का केवल एक ही HSN code हो ऐसी व्यवस्था करनी चाहिये।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रेम मिश्रा ,राष्ट्रीय मंत्री राजेंद्र गोयनका, राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य अशोक जायसवाल, सोमनाथ विश्वकर्मा, यु आर सिंह ,गोकुल शर्मा, रजनीश कनोजिया, मनीष गुप्ता, मनीष चौबे, सुजीत गुप्ता, सुरेश तुलस्यान, सत्य प्रकाश सराफ ,अनिल पांडेय, आनंद खंडेलवाल , अजय यादव , जयकिशन शर्मा ,सौमित्र सहाय आदि लोग उपस्थित थे
