धर्म-कर्म
जगत जननी मां गौरा की शाम को होगी विदाई
रिपोर्ट- प्रदीप कुमार
वाराणसी। जगत जननी मां गौरा की शाम को होगी विदाई,बाबा विश्वनाथ गौना करा ले जायेंगे शिवधाम,शाम को निकलेगी रजत पालकी यात्रा, अनूठे रंगोंत्सव की साक्षी बनेगी काशी,बाबा विश्वनाथ के भाल अबीर चढ़ा काशीवासी मांगेंगे होली खेलने की अनुमति।
महंत आवास पर आज सुबह बाबा के साथ माता गौरा की चल प्रतिमा का पंचगव्य तथा पंचामृत स्नान के बाद दुग्धाभिषेक,बाबा गुजरात से आये खास खादी का राजसी वस्त्र और शाही पगड़ी बांध माता की विदाई करायेंगे। माता बरसाने से आया घाघरा पहन सोलहों श्रृंगार रचा दुल्हन के खास लिबास में भगवान गणेश को गोदी में लेकर रजत पालकी में विराजेगी। अबीर गुलाल की बारिश के बीच बाबा की पालकी श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के स्वर्णिम गर्भगृह तक जायेगी। इस दौरान पूर्व महंत के आवास लेकर बाबा के स्वर्णिम दरबार तक छतों, बारजों, गलियों के दोनों किनारों पर कतारबद्ध श्रद्धालु, महिलाएं, बच्चे पालकी पर गुलाब की पंखुड़ियों के साथ अबीर गुलाल उड़ायेंगे। कतारबद्ध युवा हर—हर महादेव के उद्घोष के बीच डमरूनाद करेंगे। शाम को बाबा धाम में शिवांजलि । भाग लेंगे नामी गिरामी कलाकार।
