गाजीपुर
घटिया सड़क निर्माण के खिलाफ किसान नेता का प्रदर्शन, कार्यदायी संस्था पर कार्रवाई की मांग
सेवराई (गाजीपुर) जयदेश। भदौरा ब्लॉक के मिश्रवलिया से अमौरा तक बन रहे नहर रोड के निर्माण कार्य को लेकर किसान नेता भानू प्रताप सिंह सेवराई ने घटिया निर्माण का आरोप लगाते हुए विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने इस संबंध में जिलाधिकारी गाजीपुर को फोन पर वार्ता कर निर्माण कार्य में बरती जा रही कथित अनियमितताओं से अवगत कराया।
किसान नेता भानू प्रताप सिंह ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य में प्रयुक्त एमंलसन को अपने हाथ से उठाकर दिखाया और इसे घटिया बताते हुए चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी की जा रही है, जो ऊपर उपलब्ध मानचित्र और वीडियो में भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विभाग के जेई और एक्सियन को मौके की वास्तविक स्थिति की जानकारी नहीं है। यदि जानकारी है तो फिर इस प्रकार का घटिया निर्माण कार्य क्यों कराया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यदि विभागीय अधिकारी इस स्थिति से अवगत होते हुए भी चुप हैं तो यह गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि विभाग के कुछ लोग मोटी रकम लेकर चुप्पी साधे हुए हैं। किसान नेता ने मांग की कि इस तरह का घटिया निर्माण कराने वाली कार्यदायी संस्था का लाइसेंस निरस्त कर उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले भदौरा से दिलदारनगर मार्ग का निर्माण कार्य भी घटिया गुणवत्ता का हो रहा था, जिसे जय देश न्यूज के तहसील रिपोर्टर मृत्युंजय सिंह सेवराई ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। उस समाचार के बाद मामले की जांच हुई और निर्माण कार्य को रोक दिया गया था। बाद में पुनः निर्माण कराया गया, जिसमें सुधार किया गया।
किसान नेता ने कहा कि क्षेत्र में कई सड़क निर्माण कार्य ऐसे हैं जो मानकों के अनुरूप नहीं कराए जा रहे हैं। हालांकि जब जनता अपनी आवाज बुलंद करती है और विरोध प्रदर्शन होता है, तब सच्चाई सामने आती है और सुधार भी करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि जब जनता सड़क पर उतरती है तो स्थिति गंभीर हो जाती है।
मृत्युंजय सिंह सेवराई तहसील प्रभारी को किसान नेता भानू प्रताप सिंह ने बताया कि फिलहाल निर्माण कार्य रोक दिया गया है और पैसे का प्रलोभन भी दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब यह मामला मीडिया में उजागर हो चुका है तो बिना जांच के निर्माण कार्य दोबारा शुरू होना संभव नहीं लगता। यदि जांच के बिना फिर से घटिया निर्माण कराया जाता है तो इससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि ऊपर से नीचे तक अधिकारियों की मिलीभगत से ऐसे कार्य कराए जा रहे हैं।
अब देखना यह होगा कि शासन और प्रशासन इस मामले को किस तरह लेते हैं और आने वाले समय में इस पर क्या कार्रवाई सुनिश्चित होती है।
