गोरखपुर
ग्राम पंचायत अधिकारियों का शांतिपूर्ण सत्याग्रह शुरू
ऑनलाइन उपस्थिति एवं अन्य बिंदुओं पर विरोध
गोरखपुर। ग्राम पंचायत अधिकारी/ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति, विकास खंड खजनी-गोरखपुर ने प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर विभागीय शोषण, ऑनलाइन उपस्थिति (FRS) प्रणाली की बाध्यता तथा सचिवों पर थोपे जा रहे गैर-विभागीय कार्यों के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। समिति ने स्पष्ट कर दिया है कि अब यह संघर्ष उनके अधिकारों की बहाली और सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हो चुका है।
जानकारी के मुताबिक, सचिवों की काली पट्टी बांधकर 01 दिसम्बर 2025 से 15 दिसम्बर 2025 तक चरणबद्ध सत्याग्रह होगा। शुरुआत 01 से 04 दिसम्बर तक काली पट्टी बांधकर सरकारी कार्य करने से होगी, जिसके माध्यम से अधिकारी अपनी मौन आपत्ति दर्ज कराएंगे।
05 दिसम्बर को सभी ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारी ब्लॉक मुख्यालय पर धरना देंगे। उसी दिन अधिकारियों द्वारा जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को ज्ञापन भेजा जाएगा। विरोध के प्रतीकात्मक स्वरूप में जनपद के सभी सरकारी व्हाट्सऐप समूहों से सचिव सामूहिक रूप से ‘लेफ्ट’ भी हो जाएँगे, जिसे विभागीय दबाव और अतिरिक्त भार के विरोध का बड़ा संकेत माना जा रहा है।
आंदोलन के अगले चरण में 10 दिसम्बर से सभी सचिव अपने निजी वाहनों का उपयोग बंद कर देंगे। अधिकारियों का कहना है कि विभागीय कार्यों के लिए ईंधन, रख-रखाव या यात्रा भत्ता नहीं दिया जाता, ऐसे में निजी संसाधनों का इस्तेमाल अब संभव नहीं है। वाहन बंदी से कई कार्यक्रमों और योजनाओं के क्रियान्वयन की गति प्रभावित हो सकती है।
और अंत में, 15 दिसम्बर को सभी सचिव अपना इंटरनेट डोंगल विकास खंड कार्यालय में जमा करेंगे। सचिवों का आरोप है कि ऑनलाइन प्रणाली (FRS), पोर्टल आधारित फीडिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और विभिन्न योजनाओं की डिजिटल रिपोर्टिंग का पूरा भार केवल उनके ऊपर डाल दिया गया है, जबकि इसके लिए किसी संसाधन या तकनीकी सहायता की व्यवस्था नहीं की गई है।
अधिकारियों का कहना है कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं — परंतु गैर-विभागीय जिम्मेदारियों, अनियमित तकनीकी दबाव और ऑनलाइन उपस्थिति जैसी अव्यवहारिक व्यवस्थाओं के चलते उनके नियमित कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शासन स्तर पर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। खजनी ब्लॉक के सभी ग्राम पंचायत अधिकारी एकजुट होकर इस सत्याग्रह को सफल बनाने में जुटे हैं।
