पूर्वांचल
गहमर कोतवाली में अवैध मिट्टी खनन पर प्रशासन की सुस्ती पर उठे सवाल !
राजस्व की हानि और सड़कें हो रही खराब
गाज़ीपुर। जनपद के गहमर क्षेत्र और आसपास के इलाकों में इन दिनों अवैध मिट्टी खनन का काम जोरों पर है। खनन माफिया बिना किसी अनुमति के बड़े पैमाने पर मिट्टी का खनन कर रहे हैं जिससे न केवल राजस्व की हानि हो रही है बल्कि इलाके की सड़कों की स्थिति भी खराब हो गई है।
यह अवैध खनन आबादी वाले इलाकों जैसे भदौरा बस स्टैंड, रेवतीपुर और गहमर में बड़े पैमाने पर हो रहा है जहां मिट्टी से लदी ट्रालियां दिन-रात दौड़ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि खनन माफिया प्रतिदिन सैकड़ों ट्रालियां मिट्टी का खनन कर रहे हैं जबकि इसके लिए कोई वैध अनुमति नहीं ली जा रही है। इसके चलते इलाके की सड़कों पर जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। इसके साथ ही स्थानीय निर्माण उद्योगों में प्रयुक्त होने वाली मिट्टी भी अब ऊंचे दामों में बेची जा रही है जिससे आम लोगों को भी परेशानी हो रही है।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस की मिलीभगत के कारण यह अवैध खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। इससे न केवल राजस्व का लाखों रुपए का नुकसान हो रहा है बल्कि जल संकट जैसी समस्याएं भी उत्पन्न हो रही हैं क्योंकि इस खनन प्रक्रिया में जल स्रोतों को भी भारी नुकसान हो रहा है।
इस मामले में सेवराई एसडीएम संजय यादव ने बताया कि मिट्टी खनन के लिए जिला प्रशासन से अनुमति लेनी होती है, और इसके लिए उचित शुल्क भी वसूला जाता है।
उन्होंने कहा “अगर सेवराई तहसील क्षेत्र में अवैध खनन हो रहा है तो इसकी जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” एसडीएम ने यह भी कहा कि प्रशासन अवैध खनन पर लगाम लगाने के लिए गंभीर है और जल्द ही इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।स्थानीय लोग प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं और लगातार इस अवैध खनन के खिलाफ शिकायतें कर रहे हैं।
हालांकि अब तक प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कब और किस हद तक प्रभावी कदम उठाता है ताकि क्षेत्र में अवैध खनन पर रोक लग सके और राजस्व की हानि को रोका जा सके।
