वाराणसी
गंगा में 2 लाख से ज्यादा रोहू कतला नयन मछलियां छोड़ी गई
कैबिनेट मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला जी ने मछुआरे एवं गंगा प्रहरी को अपने हाथों झिंगुरी जाल देकर सम्मानित किया!
बीजेपी वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय कैबिनेट मत्स्य मिनिस्टर डॉल्फिन संरक्षण के लिए दर्शन निषाद गंगा प्रहरी टीम की सराहना की
मंत्री ने बाढ़ प्रभावित एवं बाढ़ आपदा के लिए प्रशासन को अलर्ट रहने को कहा !
वाराणसी| राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत गंगा नदी में मछलियों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए केंद्रीय अंतरस्थलीय मात्सेयिकी अनुसंधान परिषद सिफरी द्वारा आयोजित वाराणसी के अस्सी घाट पर जन जागरूकता सह रैचिंग कार्यक्रम, मुख्य अतिथि केंद्रीय कैबिनेट मंत्री मत्स्य पालन पशुपालन एवं डेयरी पुरुषोत्तम रुपाला जी एवं वरिष्ठ बीजेपी नेता सुनील ओझा , विशिष्ट अतिथि डॉ जे के जेना उप महानिदेशक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और इस कार्यक्रम की अध्यक्षता निदेशक सिफरी डा ० बीके दास, प्रधानमंत्री स्वच्छता दूत गंगा प्रहरी दर्शन निषाद की उपस्थिति में, 2 लाख से ज्यादा रोहू कतला नयन अंगुलीका मछलियां गंगा में छोड़ा गया केंद्रीय कैबिनेट मिनिस्टर , मत्स्य डेयरी एवं पशुपालन पुरुषोत्तम रुपाला जी ने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर अर्थ गंगा को बढ़ावा देने के लिए एवं विलुप्त हो गए प्रजातियों को गंगा में लाने के लिए यह जन जागरूकता एवं अंगुलिका मछलियां छोड़ी जा रहे हैं, एनएमसीजी से संदीप बेहरा जी ने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव के शुभ अवसर पर यह ऐतिहासिक रैंचिंग कार्य किया जा रहा है, और गंगा में विलुप्त हो गई प्रजातियों को पुनः गंगा में लाने का प्रयास भी किया जा रहा है कम्युनिटी ऑफिसर सुनीता रावत जी ने कहा कि मिर्जापुर, वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, बलिया, जौनपुर इन सभी जनपदों के गंगा ग्रामों में मछुआरों को अब उच्च किस्म एवं अच्छे वैल्यू की रोहू, कतला, नयन मिलने प्रारंभ हो जाएंगे भारतीय वन्यजीव संस्थान से प्रशिक्षित नमामि गंगे गंगा प्रहरी दर्शन निषाद ने बताया कि, हमारे टीम द्वारा किए गए डॉल्फिन कछुआ संरक्षण के लिए मल्लाह निषाद जागरूक हुए हैं लेकिन माझी मल्लाह का आजीविका का मुख्य साधन गंगा है अब मछलियों की प्रजातियां नहीं मिलने से इनकी आर्थिक स्थिति बहुत डामाडोल हो गया है मल्लाह के बच्चे अच्छे स्कूल में पढ़ा नहीं पा रहे हैं और ना ही अच्छे तरीके से दिनचर्या एवं दैनिक जीवन जी पा रहे हैं इसका मुख्य कारण है इनके हाथ में कौशल होने के बावजूद भी इन्हें स्वरोजगार नहीं मिल पा रहा है और गंगा से रोहू कतला नयन कीमती मछलियां विलुप्त हो गए मैं मछुआरा निषाद संघ का अध्यक्ष होने के नाते आज मंत्री जी को पत्र लिखा हूं कि गंगा में, हिलसा मछली को छोड़ा जाए जो कीमती भी है अगर इनकी प्रजातियां मिलने लगेंगे तो आर्थिक स्थिति में सुधार होने में देर नहीं लगेगा, कार्यक्रम संयोजक मत्स्य वैज्ञानिक डॉक्टर डीएन झां जी ने कहा कि, इन सभी मछलियों की जिम्मेदारी आप सबकी है कुछ महीनों तक संरक्षण करना जरूरी है जो गंगा प्रहरी मुख्य रूप से यह कार्य कर सकते हैं इस कार्यक्रम में सभी की उपस्थिति हेतु मैं सब का धन्यवाद देता हूं कार्यक्रम में माझी मछुआरों को जाल भी दिया गया! इस कार्यक्रम में गंगा प्रहरी की पूरी टीम सहयोगी के रुप में लगी रही और मछलियां छोड़ें गंगा प्रहरी राजेश निषाद, गंगा प्रहरी दीनदयाल निषाद, गंगा प्रहरी दिनेश निषाद, सुधा सहानी रमना, राजकुमार साहनी विभिन्न मत्स्य सहकारी समितियां भी उपस्थित रहे !
