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खुशी हॉस्पिटल का पंजीकरण निरस्त, जच्चा-बच्चा की मौत मामले में बड़ी कार्रवाई
नेबुआ नौरंगिया (कुशीनगर)। जिले के कोटवा स्थित ‘खुशी हॉस्पिटल’ में हुई लापरवाही की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी (DM) की अनुमति के बाद मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) ने अस्पताल का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हाल ही में प्रसव के दौरान एक महिला और नवजात की मौत हो गई थी। आरोप है कि अस्पताल संचालक ने स्वयं प्रसव कराया और घटना के बाद अस्पताल छोड़कर फरार हो गया। इससे पूर्व 25 फरवरी को भी एक महिला की ऑपरेशन के बाद मौत का मामला सामने आया था। एक महीने के भीतर तीन मौतों की घटनाओं ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।

प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई के तहत अस्पताल के 5 डॉक्टरों सहित सभी 10 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। स्पष्ट किया गया है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो संबंधितों के लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। वहीं लापरवाही रोकने में असफल रहने पर नोडल डिप्टी सीएमओ को हटाते हुए नई टीम का गठन किया गया है।
इस मामले में फरार अस्पताल संचालक राजू श्रीवास्तव के खिलाफ पुलिस पहले ही गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर चुकी है। इस संबंध में सीएमओ डॉ. चंद्रप्रकाश ने कहा कि मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अस्पताल का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है और फरार स्टाफ को नोटिस भेजकर जवाब तलब किया गया है।
