वाराणसी
काशी में 500 रोहिंग्या-बांग्लादेशी घुसपैठिए चिह्नित, भेजे जाएंगे डिटेंशन सेंटर
वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद वाराणसी पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। खुफिया जांच के आधार पर कमिश्नरेट पुलिस ने जिले में ऐसे 500 घुसपैठियों की पहचान की है। पुलिस अब सभी को डिटेंशन सेंटर भेजने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। पुलिस की खुफिया इकाई ने झुग्गी-झोपड़ी वाले क्षेत्रों में जांच कर इस मामले का खुलासा किया है और शुरुआती रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई और अधिक सतर्कता के साथ जारी है।
जांच टीम गांव-गांव जाकर पड़ताल कर रही है, जिसके चलते चोलापुर समेत कई इलाकों में कुछ परिवारों के घर छोड़ने की बात भी सामने आई है। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआइआर) से भी जुड़ा हुआ है, जिसमें प्रत्येक परिवार को यह बताना आवश्यक है कि वर्ष 2003 में उनके परिवार के सदस्य कहां मतदाता थे।
सबसे बड़ी चुनौती यह है कि कई रोहिंग्या वर्षों से काशी में निवास कर रहे हैं और इस दौरान वे यहां की सामाजिक संरचना में इस कदर शामिल हो गए हैं कि उनकी पहचान करना आसान नहीं रह गया है। कई लोग स्थानीय कारखानों और निजी संस्थानों में काम कर रहे हैं। खुफिया विभाग के सूत्र बताते हैं कि इन लोगों ने आधार, पैन, आवास से जुड़े दस्तावेज और यहां तक कि मतदाता सूची में भी नाम दर्ज करवा लिया है, जिससे जांच और अधिक कठिन हो गई है।
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने जानकारी दी कि चिन्हित किए गए 500 घुसपैठियों में से 200 लोग काशी जोन से, 200 वरुणा जोन से और 100 गोमती जोन से हैं। सभी को डिटेंशन सेंटर भेजा जाएगा और इस पूरी प्रक्रिया की सख्त मॉनिटरिंग की जा रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर डीसीपी क्राइम सरवणन टी ने भी इस कार्रवाई में स्वयं फील्ड में उतरकर संदिग्ध लोगों से पूछताछ की है, ताकि घुसपैठ का यह नेटवर्क पूरी तरह उजागर किया जा सके।
पुलिस का मानना है कि वाराणसी में बढ़ती घुसपैठ सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है, इसलिए प्रशासन इस अभियान को पूरी गंभीरता के साथ आगे बढ़ा रहा है। इस कार्रवाई का उद्देश्य शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह नियंत्रण स्थापित करना है। जांच जारी रहेगी और सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे, ताकि ऐसी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाने में सफलता मिल सके।
